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लोक वाद्य दल स्पर्धा में शिव शक्ति वादक दल प्रथम
Updated Wed, 01 Nov 2017 07:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले में बुधवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग एवं रेणुका बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय प्राकृतिक लोक वाद्य दल स्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें शिव शक्ति पालु राजगढ़ वादक दल ने सभी को पछाड़ते हुए पहला स्थान अर्जित किया। इस प्रतियोगिता में जिला भर से आए 15 वादक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी।
इस प्रतियोगिता में महाकाली अंधेरी वादक दल को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। जबकि धीमान वादक दल पंझा को तीसरा स्थान हासिल हुआ। जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती प्राचीन लोक संस्कृति को संरक्षित रखना है। इस प्रतियोगिता में मुख्य रुप से देवताल, संस्कार ताल व लोकरंजन ताल की विधाओं को कलाकारों ने अपने यंत्रों की धुनों में पिरो कर प्रदर्शित किया।
इस प्रतियोगिता में वरिष्ठ कलाकार विद्या नंद सरेक, धर्मदत्त सहगल व गुलाब सिंह ने निर्णायक की भूमिका अदा की। प्रतियोगिता में तहसीलदार ददाहू देवी सिंह कौशल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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ददाहू (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले में बुधवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग एवं रेणुका बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय प्राकृतिक लोक वाद्य दल स्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें शिव शक्ति पालु राजगढ़ वादक दल ने सभी को पछाड़ते हुए पहला स्थान अर्जित किया। इस प्रतियोगिता में जिला भर से आए 15 वादक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी।
इस प्रतियोगिता में महाकाली अंधेरी वादक दल को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। जबकि धीमान वादक दल पंझा को तीसरा स्थान हासिल हुआ। जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती प्राचीन लोक संस्कृति को संरक्षित रखना है। इस प्रतियोगिता में मुख्य रुप से देवताल, संस्कार ताल व लोकरंजन ताल की विधाओं को कलाकारों ने अपने यंत्रों की धुनों में पिरो कर प्रदर्शित किया।
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इस प्रतियोगिता में वरिष्ठ कलाकार विद्या नंद सरेक, धर्मदत्त सहगल व गुलाब सिंह ने निर्णायक की भूमिका अदा की। प्रतियोगिता में तहसीलदार ददाहू देवी सिंह कौशल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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