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कैदियों को बांटी कानून व अधिकारों की जानकारी
Updated Sun, 20 May 2018 10:36 PM IST
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कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
केंद्रीय आदर्श कारागार नाहन में रविवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर अंडर ट्रायल कैदियों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कानून की जानकारी दी गई। जिला कानून सर्विस अथॉरिटी की ओर से आयोजित शिविर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हंसराज ने जमानती व गैर जमानती अपराधों, पैरोल व निशुल्क कानूनी सहायता आदि कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
न्यायाधीश हंसराज ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के साथ-साथ गरीबी में जीवन यापन कर रहे लोग निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं ताकि उन्हें न्याय के लिए न भटकना पड़े। उन्होंने कहा कि सजाए आफ्ता कैदी को पैरोल पर जाने का अधिकार दिया गया है लेकिन पैरोल खत्म होने के अंतिम दिन ही उसका वापस पहुंचना भी उतना ही जरूरी है।
इसके अलावा अतिरिक्त न्यायाधीश ने ट्रैफिक सेफ्टी के बारे में भी जानकारी दी। इससे पहले जेल अधीक्षक जय गोपाल लोदटा ने विधिक साक्षरता शिविर के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैदियों को भी कानूनों व अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए। इस अवसर पर अधीक्षक प्रमोद कुमार, नाजिर राजेंद्र शर्मा, अधिवक्ता राजेंद्र तोमर, रश्मि अग्रवाल व रूखसार ने भी कैदियों को उनके अधिकार बताए। साथ ही कानून की भी जानकारी दी। इस मौके पर कई उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)।
केंद्रीय आदर्श कारागार नाहन में रविवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर अंडर ट्रायल कैदियों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कानून की जानकारी दी गई। जिला कानून सर्विस अथॉरिटी की ओर से आयोजित शिविर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हंसराज ने जमानती व गैर जमानती अपराधों, पैरोल व निशुल्क कानूनी सहायता आदि कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
न्यायाधीश हंसराज ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के साथ-साथ गरीबी में जीवन यापन कर रहे लोग निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं ताकि उन्हें न्याय के लिए न भटकना पड़े। उन्होंने कहा कि सजाए आफ्ता कैदी को पैरोल पर जाने का अधिकार दिया गया है लेकिन पैरोल खत्म होने के अंतिम दिन ही उसका वापस पहुंचना भी उतना ही जरूरी है।
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इसके अलावा अतिरिक्त न्यायाधीश ने ट्रैफिक सेफ्टी के बारे में भी जानकारी दी। इससे पहले जेल अधीक्षक जय गोपाल लोदटा ने विधिक साक्षरता शिविर के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैदियों को भी कानूनों व अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए। इस अवसर पर अधीक्षक प्रमोद कुमार, नाजिर राजेंद्र शर्मा, अधिवक्ता राजेंद्र तोमर, रश्मि अग्रवाल व रूखसार ने भी कैदियों को उनके अधिकार बताए। साथ ही कानून की भी जानकारी दी। इस मौके पर कई उपस्थित रहे।
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