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शिलाई में लोगों को नहीं मिल रहा एसडीएम कार्यालय का लाभ
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
शिलाई में सरकार ने एसडीएम कार्यालय तो खोल दिया है लेकिन उसका पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। सुविधाओं के अभाव में यह कार्यालय दिखावा मात्र बनकर रह गया है। गौरतलब हो कि लोगों की भारी मांग के बाद तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2014 में शिलाई में एसडीएम कार्यालय खोल दिया था लेकिन राजस्व रिकार्ड को पांवटा से शिलाई नहीं लाया। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए पांवटा जाना पड़ रहा है।
लोग एसडीएम कार्यालय खुलने के चार साल बाद भी निशानदेही, तकसीम, सेहत नकल, अक्स मुसावी, नकल इंतकाल के कागजातों के लिए पांवटा के चक्कर काटने को विवश हैं। इतना ही नहीं एसडीएम कार्यालय में कई पद भी रिक्त हैं जिनमें रिकार्ड रूम कानूनगो, रिकार्ड रूम कीपर, दो वरिष्ठ सहायक, चपरासी शामिल हैं। इस कारण भी यहां का कामकाज बाधित हो रहा है। यही नहीं एसडीएम शिलाई भी आवासीय सुविधा से महरूम हैं। वह आज भी पंचायत समिति के विश्राम गृह में रह रहे हैं।
शिलाई पंचायत के पूर्व उपप्रधान लाल सिंह, नागचंद शर्मा, वर्तमान उपप्रधान जगतराम शर्मा, पूर्व प्रधान रक्षा देवी, बीडीसी सदस्य अतर सिंह वर्मा, युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह राजस्व रिकार्ड को अविलंब पांवटा से शिलाई लेकर आए ताकि लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने सरकार से मांग की कि एसडीएम कार्यालय में रिक्त पड़े सभी पदों को अविलंब भरा जाए ताकि लोगों को घर-द्वार पर राजस्व सुविधाएं मुहैया हों।
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शिलाई (सिरमौर)।
शिलाई में सरकार ने एसडीएम कार्यालय तो खोल दिया है लेकिन उसका पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। सुविधाओं के अभाव में यह कार्यालय दिखावा मात्र बनकर रह गया है। गौरतलब हो कि लोगों की भारी मांग के बाद तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2014 में शिलाई में एसडीएम कार्यालय खोल दिया था लेकिन राजस्व रिकार्ड को पांवटा से शिलाई नहीं लाया। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए पांवटा जाना पड़ रहा है।
लोग एसडीएम कार्यालय खुलने के चार साल बाद भी निशानदेही, तकसीम, सेहत नकल, अक्स मुसावी, नकल इंतकाल के कागजातों के लिए पांवटा के चक्कर काटने को विवश हैं। इतना ही नहीं एसडीएम कार्यालय में कई पद भी रिक्त हैं जिनमें रिकार्ड रूम कानूनगो, रिकार्ड रूम कीपर, दो वरिष्ठ सहायक, चपरासी शामिल हैं। इस कारण भी यहां का कामकाज बाधित हो रहा है। यही नहीं एसडीएम शिलाई भी आवासीय सुविधा से महरूम हैं। वह आज भी पंचायत समिति के विश्राम गृह में रह रहे हैं।
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शिलाई पंचायत के पूर्व उपप्रधान लाल सिंह, नागचंद शर्मा, वर्तमान उपप्रधान जगतराम शर्मा, पूर्व प्रधान रक्षा देवी, बीडीसी सदस्य अतर सिंह वर्मा, युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह राजस्व रिकार्ड को अविलंब पांवटा से शिलाई लेकर आए ताकि लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने सरकार से मांग की कि एसडीएम कार्यालय में रिक्त पड़े सभी पदों को अविलंब भरा जाए ताकि लोगों को घर-द्वार पर राजस्व सुविधाएं मुहैया हों।
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