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दवा इकाई में गेट बंद करने पर भड़के कामगार

Mon, 06 May 2019 11:11 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2019 11:11 PM IST
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दवा इकाई में गेट बंद करने पर भड़के कामगार
अमर उजाला ब्यूरो
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब के तहत गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक दवा कंपनी से ठेकेदार ने कुछ सफाई कर्मियों को बिना पूर्व नोटिस के निकाल दिया। पहले सात कामगारों को निकाल दिया था। अब शनिवार को दो और कर्मियों के लिए गेट बंद करने पर अन्य कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है।
गोंदपुर में इकाई के बाहर दर्जनों कर्मियों ने सोमवार को एकत्रित होकर हड़ताल का फैसला लिया। इकाई के हाउस कीपिंग और सफाई कर्मियों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के अचानक गेट बंद करना नियमों के खिलाफ है। इसकी शिकायत श्रम अधिकारी और श्रम निरीक्षक पांवटा को भेजी है। हटाए गए कामगारों में जगदीश कुमार और टिका राम ने बताया कि ठेकेदार एक-एक कर कर्मियों को हटा रहे हैं। अब तक कुल नौ कामगारों के लिए गेट बंद किया गया है। कंपनी में ठेकेदार के पास करीब 65 से 70 सफाई कर्मी हैं। जो हाउस कीपिंग कार्य देखते हैं, वे सभी करीब 3 से 4 वर्षों से कार्यरत हैं। पिछले तीन सप्ताह के भीतर ठेकेदार ने बिना नोटिस के कमलेश, करण, पवन, गुरुदीप, दीपक, जीवन और निखिल को हटा दिया था। इसका विरोध जताने पर अब शनिवार से जगदीश कुमार और टिका राम को भी बिना किसी कारण ठेकेदार ने गेट बंद कर दिया है। इससे हाउस कीपिंग में कार्यरत कर्मचारियों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है। इकाई के बाहर एकत्र होने के बाद सफाई कर्मचारियों ने फैसला लिया कि शिकायत श्रम अधिकारी और श्रम निरीक्षक को भेजी जाए। शिकायत में इन सफाई कर्मचारियों का कहना है कि 3 से 4 वर्षों से इस इकाई में कार्य कर रहे हैं। इस बीच अचानक बिना नोटिस के ठेकेदार ने गेट बंद कर दिया है। हटाए गए हाउस कीपिंग कर्मियों को अन्य जगह ट्रांसफर करने की बात की जा रही है। ऐसा करने से विरोध करने पर वे अपना हिसाब मांगने गए तो साफ इंकार कर दिया गया। इसके बाद मजबूरन कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि कुछ सफाई कर्मियों को दो साल से कोई एरियर भी नहीं मिला है। जो सरकार ने मजदूरों का मानदेय बढ़ाया था, वह भी दो साल से नहीं दिया जा रहा है। इसलिए श्रम अधिकारी और निरीक्षक से समस्या का शीघ्र समाधान की मांग की जा रही है।
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श्रम निरीक्षक पांवटा सोहन जलोटा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। कहा कि दवा इकाई में ठेकेदार के पास कार्यरत कामगारों की समस्याओं के समाधान के प्रयास होंगे। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के प्रयास किए जाएंगे।
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