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जंगलों की रक्षा के लिए बनाई टीमें, छुट्टियां रद्द
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जंगलों की आग से निपटने को महकमा तैयार
टीमों का किया गठन, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
अति संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी कर्मियों की नजर
राजपुर (सिरमौर)। जिले के निचले क्षेत्रों में गर्मी ने दस्तक दे दी है। लिहाजा, फायर सीजन भी लगभग शुरू हो गया है। जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग अलर्ट हो गया है। अमूमन 15 अप्रैल से शुरू होने वाला फायर सीजन इस साल समयपूर्व होने की उम्मीद है। लिहाजा, वन विभाग ने एक अप्रैल से समस्त कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आग बुझाने के लिए कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
वन मंडल रेणुका के किसी भी कर्मचारी को पहली अप्रैल के बाद कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। विकट परिस्थितियों के दौरान भी उन्हें अपने उच्चाधिकारियों से छुट्टी की स्वीकृति लेनी पड़ेगी। विभाग का मानना है कि जंगलों में आग की अधिकतर घटनाएं कर्मचारियों की गैर मौजूदगी में ही घटती हैं। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए जानबूझ कर जंगलों में आग लगा देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए समस्त कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर उन्हें अपनी बीटों में कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। वन मंडल रेणुका के तहत पांच परिक्षेत्र, 14 खंड और 43 बीटों में 166 कर्मचारी मौजूद हैं। इनकी छुट्टियां रद्द करके उनको ड्यूटी पर तैनात रहने को कहा गया है। ऐसे में विभाग के अधिकारी स्वयं भी वन कर्मियों की उपस्थिति का समय-समय पर जायजा लेंगे। डीएफओ रेणुका श्रेष्ठानंद शर्मा ने बताया कि पहली अप्रैल से समस्त कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करके उनको अपनी ड्यूटी पर वनों की रक्षा में तैनात रहने के आदेश दे दिए गए हैं। फायर सीजन के लिए टीमों का भी गठन किया गया है।
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टीमों का किया गठन, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
अति संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी कर्मियों की नजर
राजपुर (सिरमौर)। जिले के निचले क्षेत्रों में गर्मी ने दस्तक दे दी है। लिहाजा, फायर सीजन भी लगभग शुरू हो गया है। जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग अलर्ट हो गया है। अमूमन 15 अप्रैल से शुरू होने वाला फायर सीजन इस साल समयपूर्व होने की उम्मीद है। लिहाजा, वन विभाग ने एक अप्रैल से समस्त कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आग बुझाने के लिए कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
वन मंडल रेणुका के किसी भी कर्मचारी को पहली अप्रैल के बाद कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। विकट परिस्थितियों के दौरान भी उन्हें अपने उच्चाधिकारियों से छुट्टी की स्वीकृति लेनी पड़ेगी। विभाग का मानना है कि जंगलों में आग की अधिकतर घटनाएं कर्मचारियों की गैर मौजूदगी में ही घटती हैं। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए जानबूझ कर जंगलों में आग लगा देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए समस्त कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर उन्हें अपनी बीटों में कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। वन मंडल रेणुका के तहत पांच परिक्षेत्र, 14 खंड और 43 बीटों में 166 कर्मचारी मौजूद हैं। इनकी छुट्टियां रद्द करके उनको ड्यूटी पर तैनात रहने को कहा गया है। ऐसे में विभाग के अधिकारी स्वयं भी वन कर्मियों की उपस्थिति का समय-समय पर जायजा लेंगे। डीएफओ रेणुका श्रेष्ठानंद शर्मा ने बताया कि पहली अप्रैल से समस्त कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करके उनको अपनी ड्यूटी पर वनों की रक्षा में तैनात रहने के आदेश दे दिए गए हैं। फायर सीजन के लिए टीमों का भी गठन किया गया है।
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