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नौहराधार में खुला व्हाइट सीमेंट प्लांट का कार्यालय
Updated Fri, 19 Oct 2018 11:00 PM IST
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नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर के नौहराधार में प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट प्लांट कार्यालय का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर एफसीआई अरावली के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र राठौर, उप प्रबंधक वित्त अभिषेक माहेश्वरी, उपप्रबंधक खनन विभाग अंकुश सक्सेना उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि नौहराधार में स्थापित होने वाला भारत सरकार का यह एकमात्र पहला सरकारी प्लांट है। अभी तक व्हाइट सीमेंट के पूरे भारत वर्ष में मात्र दो प्लांट जोधपुर (राज्यस्थान) के खारिया खगार व गोटन में हैं, जो पिछले 30-40 वर्षों से चल रहे हैं। यह प्लांट जेके व बिरला ग्रुप के हैं।
जिला सिरमौर के नौहराधार में तीसरा प्लांट लगने जा रहा है, जो कि सरकार द्वारा स्थापित हो रहा है। सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र राठौर ने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी होगा। इसमें आधुनिक मशीनों का उपयोग होगा। यह मशीनें जापान व डेनमार्क से मंगवाई जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि नौहराधार क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रारंभिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। शीघ्र ही अब इस परियोजना की डीपीआर तैयार की जाएगी। साथ ही अब यहां पर अरावली इंडिया लिमिटेड के अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों द्वारा भूमि मालिक व क्षेत्रवासियों से समन्वय स्थापित करके परियोजना की पूरी रिपोर्ट का ब्योरा और सारी जानकारियां लोगों को दी जाएंगी। परियोजना के बारे में क्षेत्रवासियों की आपत्तियां व सुझावों पर बैठकर चर्चा की जाएगी।
नौहराधार में भारत सरकार द्वारा पहला प्लांट करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से बनना प्रस्तावित है। इसमें करीब 1200 बीघा यानी 108 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। अधिकारियों के अनुसार इस प्लांट के लगने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में 2500 से 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। 80 फीसदी स्थानीय लोगों को ही रोजगार दिया जाएगा। नौहराधार के विकास पर दो फीसदी लाभांश खर्च होगा। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का लाभांश प्रतिवर्ष क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाएगा।
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जिला सिरमौर के नौहराधार में तीसरा प्लांट लगने जा रहा है, जो कि सरकार द्वारा स्थापित हो रहा है। सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र राठौर ने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी होगा। इसमें आधुनिक मशीनों का उपयोग होगा। यह मशीनें जापान व डेनमार्क से मंगवाई जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि नौहराधार क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रारंभिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। शीघ्र ही अब इस परियोजना की डीपीआर तैयार की जाएगी। साथ ही अब यहां पर अरावली इंडिया लिमिटेड के अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों द्वारा भूमि मालिक व क्षेत्रवासियों से समन्वय स्थापित करके परियोजना की पूरी रिपोर्ट का ब्योरा और सारी जानकारियां लोगों को दी जाएंगी। परियोजना के बारे में क्षेत्रवासियों की आपत्तियां व सुझावों पर बैठकर चर्चा की जाएगी।
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नौहराधार में भारत सरकार द्वारा पहला प्लांट करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से बनना प्रस्तावित है। इसमें करीब 1200 बीघा यानी 108 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। अधिकारियों के अनुसार इस प्लांट के लगने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में 2500 से 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। 80 फीसदी स्थानीय लोगों को ही रोजगार दिया जाएगा। नौहराधार के विकास पर दो फीसदी लाभांश खर्च होगा। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का लाभांश प्रतिवर्ष क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाएगा।
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