{"_id":"5bc0d69cbdec2269637c107f","slug":"161539364508-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर विभाग की टीम ने खंगाला बैंक का रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयकर विभाग की टीम ने खंगाला बैंक का रिकॉर्ड
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
नाहन का कॉपरेटिव बैंक। यहां आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी।
- फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। कोऑपरेटिव बैंक की मुख्य शाखा नाहन में शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी। इस दौरान विभागीय टीम ने बैंक का सारा रिकॉर्ड खंगाला। साथ ही कई अहम दस्तावेज भी जुटाए। हालांकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि आयकर विभाग की दबिश रूटीन जांच का हिस्सा थी। बैंक का सारा रिकॉर्ड दुरुस्त और सही है लेकिन, आयकर विभाग की दबिश के दौरान बैंक के अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया। सुबह के समय ही आयकर विभाग की टीम निरीक्षण के लिए बैंक कार्यालय पहुंची। ऐतिहासिक चौगान मैदान के साथ सटे इस बैंक में टीम के निरीक्षण के दौरान बैंक का ऑडिट रिकॉर्ड जांचा गया। दोपहर बाद भी विभाग की टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी थी। संबंधित बैंक के अधिकारियों की मानें तो आयकर विभाग की इस कार्रवाई को रूटीन सर्वे का हिस्सा बताया जा रहा है। बैंक में आयकर विभाग की टीम किसी गड़बड़ी को लेकर यहां पहुंची थी या नहीं, फिलहाल अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। आयकर विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बैंक में टीम टीडीएस कटौती का पता लगाया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के दौरान संभावना जताई जा रही थी कि सहकारी बैंकों ने एफडीआर के तहत ब्याज पर आयकर नहीं काटा था। लिहाजा, इसी संभावना के तहत आयकर विभाग ने दबिश दी और बैंक का सारा रिकॉर्ड जांचा।
उधर, जिला प्रबंधक शिव कुमार वर्मा ने आयकर विभाग के बैंक में पहुंचने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह कोई छापामारी नहीं थी। आयकर विभाग की टीम रूटीन जांच को लेकर बैंक पहुंची थी। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के दौरान हुई एफडीआर आदि से कोई लेना-देना नहीं है। बैंक का सारा रिकॉर्ड सही पाया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक के टैक्स संबंधी ऑडिट की जांच की गई है।
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। कोऑपरेटिव बैंक की मुख्य शाखा नाहन में शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी। इस दौरान विभागीय टीम ने बैंक का सारा रिकॉर्ड खंगाला। साथ ही कई अहम दस्तावेज भी जुटाए। हालांकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि आयकर विभाग की दबिश रूटीन जांच का हिस्सा थी। बैंक का सारा रिकॉर्ड दुरुस्त और सही है लेकिन, आयकर विभाग की दबिश के दौरान बैंक के अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया। सुबह के समय ही आयकर विभाग की टीम निरीक्षण के लिए बैंक कार्यालय पहुंची। ऐतिहासिक चौगान मैदान के साथ सटे इस बैंक में टीम के निरीक्षण के दौरान बैंक का ऑडिट रिकॉर्ड जांचा गया। दोपहर बाद भी विभाग की टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी थी। संबंधित बैंक के अधिकारियों की मानें तो आयकर विभाग की इस कार्रवाई को रूटीन सर्वे का हिस्सा बताया जा रहा है। बैंक में आयकर विभाग की टीम किसी गड़बड़ी को लेकर यहां पहुंची थी या नहीं, फिलहाल अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। आयकर विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बैंक में टीम टीडीएस कटौती का पता लगाया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के दौरान संभावना जताई जा रही थी कि सहकारी बैंकों ने एफडीआर के तहत ब्याज पर आयकर नहीं काटा था। लिहाजा, इसी संभावना के तहत आयकर विभाग ने दबिश दी और बैंक का सारा रिकॉर्ड जांचा।
उधर, जिला प्रबंधक शिव कुमार वर्मा ने आयकर विभाग के बैंक में पहुंचने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह कोई छापामारी नहीं थी। आयकर विभाग की टीम रूटीन जांच को लेकर बैंक पहुंची थी। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के दौरान हुई एफडीआर आदि से कोई लेना-देना नहीं है। बैंक का सारा रिकॉर्ड सही पाया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक के टैक्स संबंधी ऑडिट की जांच की गई है।
विज्ञापन