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लोक सेवा आयोग पर भेदभाव का आरोप
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अभ्यर्थियों का लोक सेवा आयोग पर भेदभाव का आरोप
कहा- बिना पूर्व सूचना बदल दिया मुख्य परीक्षा का पैटर्न
आरएंडपी रूल्स में संशोधन कर आयु सीमा बढ़ाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वन विभाग के रेंज ऑफिसर के सौ पदों के लिए ली गई परीक्षा का दो जनवरी को परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम घोषित होने के साथ ही इस पर विवाद भी गहराने लगा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने बिना पूर्व सूचना के मुख्य परीक्षा के सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी के पेपर में बदलाव कर दिया था। इसका पता उन्हें तब चला, जब वे 22 जुलाई को परीक्षा देने परीक्षा हॉल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन सौ पदों के लिए परीक्षा ली गई थी उनमें से 72 पद वानिकी स्नातकों के लिए आरक्षित थे। इनसे मात्र 10 उम्मीदवारों ने ही परीक्षा पास की। जबकि फॉरेस्ट्री कोटे की 62 सीटें खाली रह गईं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पहले 2006-2007 और 2011 में रेंज ऑफिसर के लिए हुई परीक्षा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था। यही नहीं, 23 मार्च 2011 को विज्ञापित पदों के लिए विज्ञापन में भी पुराना ही परीक्षा का पैटर्न रखा गया था लेकिन आयोग ने अपनी मर्जी से बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के पेपर में बदलाव कर दिया। इसका खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे दो साल से पुराने पैटर्न पर तैयारी में जुटे थे लेकिन आयोग ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
अभ्यर्थियों रबिना नेगी, राकेश, ललित, हर्षवर्धन, अंकिता, अतुल चौहान, अनूप शर्मा, अक्षपिता, आशीष, अमित, गगन, दिनेश, हर्ष, लोकेंद्र, प्रतीक आदि ने कहा कि यदि आयोग इस बात को मानने से इंकार करता है तो 2 जुलाई 2018 को हुई एसीएफ की मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी के पेपर का पैटर्न देखा जा सकता है। साथ ही नायब तहसीलदार एचएएस और एलाइड जैसी परीक्षाओं के अंग्रेजी का पेपर भी देखा जा सकता है कि उनका पैटर्न कैसा था। उन्होंने लोक सेवा आयोग से आरएंडपी नियमों में बदलाव कर इस परीक्षा को देने की आयु सीमा 42 वर्ष करने की मांग की है। यदि लोक सेवा आयोग के भेदभाव पूर्ण और दमनकारी नीतियों से राहत नहीं मिलती है तो छात्र संगठन इस बाबत महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री महोदय से मिलकर अन्य राज्यों की तर्ज पर रेंज ऑफिसर के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष करने तथा लिखित परीक्षा का पैटर्न सरल करने का आग्रह करेंगे। साथ ही इसकी शिकायत ऑल इंडिया फॉरेस्ट्री छात्र संगठन की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट को भी की जाएगी।
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कहा- बिना पूर्व सूचना बदल दिया मुख्य परीक्षा का पैटर्न
आरएंडपी रूल्स में संशोधन कर आयु सीमा बढ़ाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वन विभाग के रेंज ऑफिसर के सौ पदों के लिए ली गई परीक्षा का दो जनवरी को परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम घोषित होने के साथ ही इस पर विवाद भी गहराने लगा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने बिना पूर्व सूचना के मुख्य परीक्षा के सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी के पेपर में बदलाव कर दिया था। इसका पता उन्हें तब चला, जब वे 22 जुलाई को परीक्षा देने परीक्षा हॉल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन सौ पदों के लिए परीक्षा ली गई थी उनमें से 72 पद वानिकी स्नातकों के लिए आरक्षित थे। इनसे मात्र 10 उम्मीदवारों ने ही परीक्षा पास की। जबकि फॉरेस्ट्री कोटे की 62 सीटें खाली रह गईं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पहले 2006-2007 और 2011 में रेंज ऑफिसर के लिए हुई परीक्षा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था। यही नहीं, 23 मार्च 2011 को विज्ञापित पदों के लिए विज्ञापन में भी पुराना ही परीक्षा का पैटर्न रखा गया था लेकिन आयोग ने अपनी मर्जी से बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के पेपर में बदलाव कर दिया। इसका खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे दो साल से पुराने पैटर्न पर तैयारी में जुटे थे लेकिन आयोग ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
अभ्यर्थियों रबिना नेगी, राकेश, ललित, हर्षवर्धन, अंकिता, अतुल चौहान, अनूप शर्मा, अक्षपिता, आशीष, अमित, गगन, दिनेश, हर्ष, लोकेंद्र, प्रतीक आदि ने कहा कि यदि आयोग इस बात को मानने से इंकार करता है तो 2 जुलाई 2018 को हुई एसीएफ की मुख्य परीक्षा के अंग्रेजी के पेपर का पैटर्न देखा जा सकता है। साथ ही नायब तहसीलदार एचएएस और एलाइड जैसी परीक्षाओं के अंग्रेजी का पेपर भी देखा जा सकता है कि उनका पैटर्न कैसा था। उन्होंने लोक सेवा आयोग से आरएंडपी नियमों में बदलाव कर इस परीक्षा को देने की आयु सीमा 42 वर्ष करने की मांग की है। यदि लोक सेवा आयोग के भेदभाव पूर्ण और दमनकारी नीतियों से राहत नहीं मिलती है तो छात्र संगठन इस बाबत महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री महोदय से मिलकर अन्य राज्यों की तर्ज पर रेंज ऑफिसर के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष करने तथा लिखित परीक्षा का पैटर्न सरल करने का आग्रह करेंगे। साथ ही इसकी शिकायत ऑल इंडिया फॉरेस्ट्री छात्र संगठन की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट को भी की जाएगी।
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