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385 बेरोजगारों को निजी क्षेत्र में मिली नौकरी
Updated Sat, 26 May 2018 11:21 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित रोजगार मेले में 385 बेरोजगारों को नौकरी मिली। हालांकि मेले के दौरान बेरोजगारों की काफी भीड़ देखी गई। 997 के करीब युवाओं ने मेले के दौरान रोजगार के लिए अपना पंजीकरण करवाया।
मेले में पहुंची 50 के करीब औद्योगिक इकाइयों ने शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उनकी कार्य कुशलता के आधार पर युवाओं को नौकरी दी। इस दौरान कई युवा ऐसे भी देखे गए जो रोजगार के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं कर रहे थे। जबकि, कुछ युवा औद्योगिक घरानों की सूचीबद्घ श्रेणियों के अनुसार योग्यता नहीं रखते थे। कुल मिलाकर औद्योगिक इकाइयों ने नौकरी के लिए चयनित युवाओं में 191 को तकनीकी आधार पर नौकरी दी। जबकि, 194 युवा गैर तकनीकी क्षेत्र में नौकरी के लिए चयनित किए गए।
इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने रोजगार मेले का विधिवत ढंग से शुभारंभ किया। इस मौके पर श्रम एवं रोजगार विभाग के उपनिदेशक केके शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी गुमान सिंह वर्मा के साथ-साथ श्रम व अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपनिदेशक केके शर्मा ने रोजगार मेला के आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
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बाक्स--
व्हाइट कॉलर जॉब के पीछे न भागें युवा: बिंदल
रोजगार मेले का शुभारंभ के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बेरोजगारी विश्वव्यापी ज्वलंत समस्या है। इसके समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से समय-समय पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। बेरोजगार युवाओं के लिए कई स्वरोजगार कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया वह व्हाइट कॉलर जॉब के पीछे भागकर अपना बहुमूल्य जीवन बर्बाद न करें। सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं। सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न स्वरोजगार कार्यक्रमों का लाभ उठाकर स्वावलंबी बनना चाहिए। औद्योगिक घरानों को भी उनकी आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करना चाहिए ताकि डिग्री होल्डर युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्य में नहीं जाना पड़े। उन्होंने मेले में आई विभिन्न कंपनी के मालिकों को निर्देश दिए कि वह अपनी औद्योगिक इकाइयों में हिमाचली युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देना सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्धारित मापदंडों के अनुरूप वेतन भी दिया जाए।
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नाहन (सिरमौर)।
ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित रोजगार मेले में 385 बेरोजगारों को नौकरी मिली। हालांकि मेले के दौरान बेरोजगारों की काफी भीड़ देखी गई। 997 के करीब युवाओं ने मेले के दौरान रोजगार के लिए अपना पंजीकरण करवाया।
मेले में पहुंची 50 के करीब औद्योगिक इकाइयों ने शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उनकी कार्य कुशलता के आधार पर युवाओं को नौकरी दी। इस दौरान कई युवा ऐसे भी देखे गए जो रोजगार के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं कर रहे थे। जबकि, कुछ युवा औद्योगिक घरानों की सूचीबद्घ श्रेणियों के अनुसार योग्यता नहीं रखते थे। कुल मिलाकर औद्योगिक इकाइयों ने नौकरी के लिए चयनित युवाओं में 191 को तकनीकी आधार पर नौकरी दी। जबकि, 194 युवा गैर तकनीकी क्षेत्र में नौकरी के लिए चयनित किए गए।
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इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने रोजगार मेले का विधिवत ढंग से शुभारंभ किया। इस मौके पर श्रम एवं रोजगार विभाग के उपनिदेशक केके शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी गुमान सिंह वर्मा के साथ-साथ श्रम व अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपनिदेशक केके शर्मा ने रोजगार मेला के आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
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व्हाइट कॉलर जॉब के पीछे न भागें युवा: बिंदल
रोजगार मेले का शुभारंभ के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बेरोजगारी विश्वव्यापी ज्वलंत समस्या है। इसके समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से समय-समय पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। बेरोजगार युवाओं के लिए कई स्वरोजगार कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया वह व्हाइट कॉलर जॉब के पीछे भागकर अपना बहुमूल्य जीवन बर्बाद न करें। सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं। सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न स्वरोजगार कार्यक्रमों का लाभ उठाकर स्वावलंबी बनना चाहिए। औद्योगिक घरानों को भी उनकी आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करना चाहिए ताकि डिग्री होल्डर युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्य में नहीं जाना पड़े। उन्होंने मेले में आई विभिन्न कंपनी के मालिकों को निर्देश दिए कि वह अपनी औद्योगिक इकाइयों में हिमाचली युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देना सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्धारित मापदंडों के अनुरूप वेतन भी दिया जाए।