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चर्चाओं में दिन भर तय होती रही हार-जीत
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:50 PM IST
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महासंग्राम 2017, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव
- फोटो : SELF
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। मतदान संपन्न होते ही चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी शुक्रवार को अपनी थकावट उतारते दिखाई दिए। जबकि उनके कार्यकर्ता व समर्थक दिन भर हार-जीत तय करते नजर आए। शुक्रवार को पूरे रेणुका विधानसभा में चुनावों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
ददाहू क्षेत्र में भी लोग दिन भर चुनाव की ही बात करते नजर आए। कौन जितेगा, कौन हारेगा.. यही मुद्दा गर्माया रहा। एक दल के समर्थक जहां सैनधार से लीड मिलने की बात कर रहे थे तो दूसरे दल के धारटीधार से लीड मिलने के दावे कर रहे थे। कुछ कह रहे थे कि कांग्रेस इस चुनाव को जीत सकती है। जबकि कुछ के दावे भाजपा तो कुछ के निर्दलीय प्रत्याशी के लिए रहे।
मजे की बात यह रही कि इस बार कांग्रेस से विनय कुमार, भाजपा से बलबीर सिंह व पूर्व भाजपा विधायक हृदय राम इस बार निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। जबकि यह तीनों का ही तीसरा चुनाव है।
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कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार तीन के अंक को अपने लिए लक्की मान रहे हैं। जबकि भाजपा प्रत्याशी खुद के लिए 9 का अंक शुभ मान रहे हैं। ऐसे में जबकि चुनाव संपन्न होने के बाद समर्थकों में हार-जीत को लेकर कड़ा घमासान छिड़ा हुआ है।
वहीं चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो चुका है जो कि 18 दिसंबर को ही बाहर आएगा।
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ददाहू (सिरमौर)। मतदान संपन्न होते ही चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी शुक्रवार को अपनी थकावट उतारते दिखाई दिए। जबकि उनके कार्यकर्ता व समर्थक दिन भर हार-जीत तय करते नजर आए। शुक्रवार को पूरे रेणुका विधानसभा में चुनावों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
ददाहू क्षेत्र में भी लोग दिन भर चुनाव की ही बात करते नजर आए। कौन जितेगा, कौन हारेगा.. यही मुद्दा गर्माया रहा। एक दल के समर्थक जहां सैनधार से लीड मिलने की बात कर रहे थे तो दूसरे दल के धारटीधार से लीड मिलने के दावे कर रहे थे। कुछ कह रहे थे कि कांग्रेस इस चुनाव को जीत सकती है। जबकि कुछ के दावे भाजपा तो कुछ के निर्दलीय प्रत्याशी के लिए रहे।
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मजे की बात यह रही कि इस बार कांग्रेस से विनय कुमार, भाजपा से बलबीर सिंह व पूर्व भाजपा विधायक हृदय राम इस बार निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। जबकि यह तीनों का ही तीसरा चुनाव है।
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कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार तीन के अंक को अपने लिए लक्की मान रहे हैं। जबकि भाजपा प्रत्याशी खुद के लिए 9 का अंक शुभ मान रहे हैं। ऐसे में जबकि चुनाव संपन्न होने के बाद समर्थकों में हार-जीत को लेकर कड़ा घमासान छिड़ा हुआ है।
वहीं चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो चुका है जो कि 18 दिसंबर को ही बाहर आएगा।