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गुरुनानक के रंग में रंगा पांवटा, शान से निकला नगर कीर्तन
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। श्री गुरु नानक देव के प्रकटोत्सव पर पांवटा में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वारा परिसर, पालकी और शहर को शानदार तरीके से सजाया संवारा गया था। नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारे कर रहे थे। गतका दल, बैंड पार्टियां और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे स्कूली बच्चे खूब आकर्षण का केंद्र बने रहे। आस्था की बयार उमड़ने के साथ युवा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य यातायात को सुचारु बनाने और स्वच्छता के प्रति काफी सजग दिखे। श्रद्धालुओं की नि:शुल्क सेवा के लिए जगह-जगह चाय-कॉफी, फलों समेत विभिन्न स्टॉल्स सजे रहे। वीरवार दोपहर बाद पांवटा गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन का आगाज हुआ। पांवटा गुरुद्वारा कमेटी उप प्रधान हरभजन सिंह और मैनेजर कुलवंत चौधरी ने बताया कि स्थानीय क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से भारी संख्या में साध संगतें पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर नगर कीर्तन में भाग लिया। पांवटा साहिब मुख्य गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन शुरू हुआ जो गीता भवन, मुख्य बाजार, शमशेरपुर से बद्रीपुर होकर वापिस गुरुद्वारा साहिब परिसर में पहुंचा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदस्य हरप्रीत सिंह, सिमरत सिंह, एनपीएस नारंग, अवतार सिंह तारी, ओंकार सिंह, कर्मवीर सिंह, तपेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह चुग, मनजीत सिंह, सुरजीत सिंह, तेजपाल सिंह, सिमरनजीत सिंह, मनिंद्र सिंह मन्नी, राम सिंह, सुखविंद्र सिंह, हरबख्श सिंह, परमिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह और परविंद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय और बाहरी राज्यों से पहुंचे गतका टीमें शामिल हुईं। प्राचीन रणकौशल विधि से लोगों को हतप्रभ कर दिया। प्रशिक्षित नन्हे मुन्ने गतका दल के सदस्यों ने खूब अपनी प्रतिभा व प्राचीन रण कौशल से मनोरंजन किया। नगर कीर्तन के दौरान गुरुनानक मिशन पब्लिक स्कूल, बीकेडी कॉलेज समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने नगर कीर्तन में भाग लिया। नगर कीर्तन के लिए विशेष रूप से सजी पालकी के आगे महिलाएं रास्ता और सड़क साफ करते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही थीं। पांवटा से बद्रीपुर तक कई स्टॉल्स श्रद्धालुओं की सेवा के लिए लगे थे, जिसमें चाय-कॉफी, पकौड़े, फल आदि सेवाभाव से सेवक नगर कीर्तन में शामिल संगतों की सेवा करते नजर आए।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। श्री गुरु नानक देव के प्रकटोत्सव पर पांवटा में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वारा परिसर, पालकी और शहर को शानदार तरीके से सजाया संवारा गया था। नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारे कर रहे थे। गतका दल, बैंड पार्टियां और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे स्कूली बच्चे खूब आकर्षण का केंद्र बने रहे। आस्था की बयार उमड़ने के साथ युवा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य यातायात को सुचारु बनाने और स्वच्छता के प्रति काफी सजग दिखे। श्रद्धालुओं की नि:शुल्क सेवा के लिए जगह-जगह चाय-कॉफी, फलों समेत विभिन्न स्टॉल्स सजे रहे। वीरवार दोपहर बाद पांवटा गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन का आगाज हुआ। पांवटा गुरुद्वारा कमेटी उप प्रधान हरभजन सिंह और मैनेजर कुलवंत चौधरी ने बताया कि स्थानीय क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से भारी संख्या में साध संगतें पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर नगर कीर्तन में भाग लिया। पांवटा साहिब मुख्य गुरुद्वारा परिसर से नगर कीर्तन शुरू हुआ जो गीता भवन, मुख्य बाजार, शमशेरपुर से बद्रीपुर होकर वापिस गुरुद्वारा साहिब परिसर में पहुंचा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदस्य हरप्रीत सिंह, सिमरत सिंह, एनपीएस नारंग, अवतार सिंह तारी, ओंकार सिंह, कर्मवीर सिंह, तपेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह चुग, मनजीत सिंह, सुरजीत सिंह, तेजपाल सिंह, सिमरनजीत सिंह, मनिंद्र सिंह मन्नी, राम सिंह, सुखविंद्र सिंह, हरबख्श सिंह, परमिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह और परविंद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय और बाहरी राज्यों से पहुंचे गतका टीमें शामिल हुईं। प्राचीन रणकौशल विधि से लोगों को हतप्रभ कर दिया। प्रशिक्षित नन्हे मुन्ने गतका दल के सदस्यों ने खूब अपनी प्रतिभा व प्राचीन रण कौशल से मनोरंजन किया। नगर कीर्तन के दौरान गुरुनानक मिशन पब्लिक स्कूल, बीकेडी कॉलेज समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने नगर कीर्तन में भाग लिया। नगर कीर्तन के लिए विशेष रूप से सजी पालकी के आगे महिलाएं रास्ता और सड़क साफ करते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही थीं। पांवटा से बद्रीपुर तक कई स्टॉल्स श्रद्धालुओं की सेवा के लिए लगे थे, जिसमें चाय-कॉफी, पकौड़े, फल आदि सेवाभाव से सेवक नगर कीर्तन में शामिल संगतों की सेवा करते नजर आए।