फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   आरपीएंड रूल्स में संशोधन कर फर्जीवाडे को खत्म करने का प्रयास

आरपीएंड रूल्स में संशोधन कर फर्जीवाडे को खत्म करने का प्रयास

Tue, 22 Jan 2019 10:34 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 10:34 PM IST
विज्ञापन
आरपीएंड रूल्स में संशोधन कर फर्जीवाडे को खत्म करने का प्रयास
आरएंडपी नियमों में संशोधन कर किया
विज्ञापन

फर्जीवाडे़ को खत्म करने का प्रयास
सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी भर्ती को बनाया पारदर्शी
अभ्यर्थियों ने नियमों में संशोधन करने पर सरकार का आभार जताया
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के नियमों में संशोधन करने पर सरकार का आभार प्रकट किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ गैर मान्यता प्राप्त अभ्यर्थी लंबे समय से सरकार और कर्मचारी आयोग पर दबाव बना रहे थे। इस कारण पोस्ट कोड-556 का परिणाम भी लंबे समय से लटका हुआ था। उन्होंने कहा कि अब नियमों में स्पष्टता आ गई है। इससे गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों पर शिकंजा कसा जाएगा।

राहुल कंडलस, आकाश, शिल्पा, रविता चौहान, रेखा, गरिमा, निहारिका, अंकिता, खुशबू, प्रतिभा, नागेंद्र ने यहां जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा किया है। कुछ गैर मान्यता प्राप्त संस्थान नियमों की धज्जियां उड़ाकर मानकों को नजरअंदाज कर रहे थे। आरएंडपी रूल्स में संशोधन करने के बाद ऐसे संस्थानों पर शिकंजा कसेगा और कंप्यूटर शिक्षा में गुणवत्ता बढे़गी। उन्होंने कहा कि सरकार के मान्यता प्राप्त विवि, आईटीआई, नायलेट जैसे संस्थान के स्कूल, कॉलेज जिला और तहसील स्तर पर खुले हैं। यहां लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो मेहनत और ईमानदारी से अपनी डिग्री और डिप्लोमा ले रहे हैं, जबकि दूसरी ओर मात्र एक या दो कमरों में खुले संस्थान, जो न किसी विवि और न किसी टेक्निकल बोर्ड से संबंधित हैं। यहां तक कि कइयों को डिप्लोमा जारी करने तक की अनुमति नहीं है। वे इस आरएंडपी रूल्स में संशोधन करने का विरोध कर रहे हैं, जो कि सही नहीं है। उन्होंने बताया कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 447 की भर्ती नियमों के विपरीत जाकर की गई थी। गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों से लिए डिप्लोमा को स्वीकार किया गया था। इसे बाद में माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। यह मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि आयोग ने पोस्ट कोड 556 में भी पोस्ट कोड 447 वाली प्रक्रिया जारी रखी। इसे माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर आयोग को आरएंडपी रूल्स से भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज से पहले भी आरएंडपी रूल्स में सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थानों से किए गए मान्यता प्राप्त डिप्लोमा को ही जगह दी गई है। ऐसे में अब विरोध करके कुछ संस्थान समाज व सरकार को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऊपर से फर्जीवाडे को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस मामले में सूझबूझ दिखाई है। सरकार ने ऐसा कर जहां जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के नियमों को पारदर्शी और स्पष्ट बनाया है, वहीं दूसरी ओर फर्जी संस्थानों को दरकिनार करके यह साबित किया है कि फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed