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सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाएं
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/सराहां, पांवटा/शिलाई (सिरमौर)।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को सिरमौर में महिलाएं सड़कों पर उतरीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिड-डे मील से जुड़ी कर्मचारियों ने जिला भर में रोष प्रदर्शन किए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर मांगें जल्द पूरी करने की गुजारिश की गई।
जिला मुख्यालय नाहन में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बस अड्डे से शुरू हुआ प्रदर्शन बड़ा चौक, गुरुद्वारा रोड होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचा। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिला जनवादी समिति की अध्यक्षा अमिता चौहान की अगुवाई में प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अलावा पेंशन, बोनस, ग्रेच्युटी और अन्य मामले भी उठाए गए। उन्होंने न्यूनतम वेतन 22 हजार करने, हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर मासिक वेतन देने, बच्चों को आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से देने, एनआरएचएम की जून 2013 से बकाया राशि अविलंब देने, सुपरवाइजरों के पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है।
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उधर, पांवटा साहिब में भी महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बद्रीपुर से एसडीएम कार्यालय तक जोरदार रैली निकाली गई। धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। सीटू के जिला महासचिव राजिंद्र ठाकुर व पांवटा इकाई की सचिव देविका कुमारी ने कहा कि आईसीडीएस योजनाओं में काम करने वाली महिलाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।
उधर, शिलाई, सराहां, राजगढ़ में भी आंगनबाड़ी महिलाओं और मिड-डे मील कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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नाहन/सराहां, पांवटा/शिलाई (सिरमौर)।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को सिरमौर में महिलाएं सड़कों पर उतरीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिड-डे मील से जुड़ी कर्मचारियों ने जिला भर में रोष प्रदर्शन किए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के मार्फत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर मांगें जल्द पूरी करने की गुजारिश की गई।
जिला मुख्यालय नाहन में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बस अड्डे से शुरू हुआ प्रदर्शन बड़ा चौक, गुरुद्वारा रोड होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचा। महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिला जनवादी समिति की अध्यक्षा अमिता चौहान की अगुवाई में प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
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इसके अलावा पेंशन, बोनस, ग्रेच्युटी और अन्य मामले भी उठाए गए। उन्होंने न्यूनतम वेतन 22 हजार करने, हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर मासिक वेतन देने, बच्चों को आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से देने, एनआरएचएम की जून 2013 से बकाया राशि अविलंब देने, सुपरवाइजरों के पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है।
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उधर, पांवटा साहिब में भी महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बद्रीपुर से एसडीएम कार्यालय तक जोरदार रैली निकाली गई। धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। सीटू के जिला महासचिव राजिंद्र ठाकुर व पांवटा इकाई की सचिव देविका कुमारी ने कहा कि आईसीडीएस योजनाओं में काम करने वाली महिलाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।
उधर, शिलाई, सराहां, राजगढ़ में भी आंगनबाड़ी महिलाओं और मिड-डे मील कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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