फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   नवंबर के जनमंच में उठाए मुद्दे सतौन में भी गरमाए

नवंबर के जनमंच में उठाए मुद्दे सतौन में भी गरमाए

Sun, 03 Mar 2019 10:47 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 10:47 PM IST
विज्ञापन
नवंबर के जनमंच में उठाए मुद्दे सतौन में भी गरमाए
राजपाल शर्मा
विज्ञापन

सतौन (सिरमौर)। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के सतौन में आयोजित जनमंच कार्यक्रम में भले ही शत-प्रतिशत मांगों का निपटारा करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, जमीनी स्तर की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रविवार को जनमंच में कुछ ऐसे मामले भी उठाए गए जो नवंबर महीने में कमरऊ में हुए जनमंच कार्यक्रम में भी उठाए गए थे।

यानि जनमंच में मामलों के निपटारे सही मायनों में धरातल पर नहीं हो पा रहे हैं। तय समय सीमा में मामलों को नहीं निपटाया जा रहा। सतौन में आयोजित जनमंच में चार नवंबर को कमरऊ के जनमंच में उठाए गए मुद्दे भी छाए रहे। उस समय अधिकारी का यहीं जवाब था कि एक-दो महीने में समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन, वहां पर उठी मांगे अभी भी जस की तस बनी हुई है। पंचायत के उपप्रधान तुला राम शर्मा ने बाग आबड़ा की पेयजल, सिंचाई, स्कूल में पानी की समस्या को जनमंच में प्रभावी ढंग से उठाया।
विज्ञापन


यह समस्या उन्होंने कमरऊ में चार नवंबर को आयोजित जनमंच कार्यक्रम में भी रखी थी। लेकिन, आज भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। रामेश्वर शर्मा की ओर से उठाए गए सतौन सिंचाई योजना का भी यही हाल है। हैरानी यह है कि इस बार भी एक-दो महीने में समस्या के समाधान का आश्वासन देकर जनमंच की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जनमंच के दौरान अव्यवस्था का भी आलम रहा। कुछ ग्रामीण शिकायतों को लेकर सीधे मंच पर मंत्री के पास जाते दिखे। इनमें से कुछ बुजुर्ग भी थे। कुछ को पेंशन लगवानी थी और कुछ को आधार कार्ड बनाने थे। इन्हें संबंधित अधिकारी के पास वापस भेजा गया।

लोग शिकायतें बता रहे थे, नेता और अधिकारी बातचीत में व्यस्त जनमंच के दौरान शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं उठाते रहे, लेकिन मंच पर बैठे अधिकारी और नेता आपस में बातचीत करते रहे। जनमंच के दौरान बीच-बीच में शिकायतकर्ता अपनी शिकायत बोल रहा था, तो उसी दौरान मंत्री और उपायुक्त आपस में बातचीत करने में व्यस्त थे। मामला उस समय भी हुआ जब सतौन के उपप्रधान किसी समस्या को रख रहे थे। मंच पर अधिकारियों और नेताओं की बातचीत को देखते हुए वह बोलते हुए कुछ देर के लिए रुक गए।


अधिकारी के प्रति मंत्री का रवैया दिखा नरम
जनमंच में आजतक मंत्री को अधिकारी को फटकार लगाते देखा गया है। हर समस्या पर अधिकारी को फटकार लगाई जाती रही। लेकिन, इस बार शहरी विकास मंत्री ने अधिकारी का ज्यादा पक्ष लिया। उन्होंने हर समस्या पर अधिकारी को नरमाई से इसे दुरुस्त करने के आदेश दिए। कभी कभार तो शिकायतकर्ता को यह कहकर टाल दिया गया कि आपकी शिकायत सुन ली है। इसका समाधान कर दिया जाएगा। मगर जिस तरह से जनमंच के मामलों का निपटारा किया जा रहा है। उससे लगता है कि इसका जनता को वैसा लाभ नहीं मिल रहा है, जैसा कि मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed