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चूना खदानों की आड़ में सैंकड़ों भूमि पर जारी है अवैध खनन
Updated Thu, 17 May 2018 09:28 PM IST
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चूना खदानों की आड़ में हो रहा अवैध खनन
स्वयंसेवी संस्था ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
सीसीटीवी लगाने और निरीक्षक की तैनाती की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
उपमंडल में 517 बीघा भूमि में चल रही तीन चूना खदानों की आड़ में सैकड़ों बीघा भूमि पर अवैध खनन के मामले में स्वयंसेवी संस्था सारा ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी है। संस्था के मुख्य सचिव बीएम शर्मा ने जारी एक बयान में कहा एक दशक पूर्व बंद हो चुकी चूना खदानों में भी समय-समय पर अवैध रूप से पत्थर अथवा निर्माण कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली रेत-बजरी निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों द्वारा इलाके में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए न तो आज तक संगड़ाह में माइनिंग गार्ड अथवा इंस्पेक्टर की नियुक्ति की गई और न ही धर्म कांटा लगाया गया। इसके अलावा अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था नहीं की गई है। उपमंडल की बारली और भड़वाना माइन में खड़ी कटिंग और भूस्खलन से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। क्षेत्र में खनन से न केवल दर्जनभर गांव के पेयजल स्रोत और चरागाहें बर्बाद हो रही हैं बल्कि, चूना खदानों पर होने वाली ब्लास्टिंग से सैकड़ों वन्य प्राणी भी साथ लगते जंगलों से भागकर खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उधर, जिला खनन अधिकारी सिरमौर सुरेश भारद्वाज ने बताया कि उपमंडल संगड़ाह के मंडोली और घाटों आदि स्थानों पर अवैध खनन पर प्रतिबंध के लिए यहां मौजूद गैरकानूनी सड़कों को गड्ढा खोदकर बंद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संगड़ाह में भारतोलक अथवा धर्म कांटा लगाए जाने तथा सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्वयंसेवी संस्था ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
सीसीटीवी लगाने और निरीक्षक की तैनाती की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
उपमंडल में 517 बीघा भूमि में चल रही तीन चूना खदानों की आड़ में सैकड़ों बीघा भूमि पर अवैध खनन के मामले में स्वयंसेवी संस्था सारा ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी है। संस्था के मुख्य सचिव बीएम शर्मा ने जारी एक बयान में कहा एक दशक पूर्व बंद हो चुकी चूना खदानों में भी समय-समय पर अवैध रूप से पत्थर अथवा निर्माण कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली रेत-बजरी निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों द्वारा इलाके में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए न तो आज तक संगड़ाह में माइनिंग गार्ड अथवा इंस्पेक्टर की नियुक्ति की गई और न ही धर्म कांटा लगाया गया। इसके अलावा अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था नहीं की गई है। उपमंडल की बारली और भड़वाना माइन में खड़ी कटिंग और भूस्खलन से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। क्षेत्र में खनन से न केवल दर्जनभर गांव के पेयजल स्रोत और चरागाहें बर्बाद हो रही हैं बल्कि, चूना खदानों पर होने वाली ब्लास्टिंग से सैकड़ों वन्य प्राणी भी साथ लगते जंगलों से भागकर खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उधर, जिला खनन अधिकारी सिरमौर सुरेश भारद्वाज ने बताया कि उपमंडल संगड़ाह के मंडोली और घाटों आदि स्थानों पर अवैध खनन पर प्रतिबंध के लिए यहां मौजूद गैरकानूनी सड़कों को गड्ढा खोदकर बंद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संगड़ाह में भारतोलक अथवा धर्म कांटा लगाए जाने तथा सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।