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Shimla News: कोटखाई के चैथला में चौथे दिन सेब के 450 पेड़ काटे, अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप; जानें
Tue, 15 Jul 2025 08:13 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटखाई (रोहडू)।
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटखाई (रोहडू)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 15 Jul 2025 08:13 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों पर विभाग ने कोटखाई उपमंडल के चैथला गांव में चौथे दिन सेब के 450 पेड़ काटे। भी तक चैथला गांव में 2,650 पौधे काटे जा चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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चैथला गांव में काटे जा रहे सेब के बड़े फलदार पौधे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कोटखाई उपमंडल के चैथला गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए चौथे दिन भी वन विभाग की कार्रवाई जारी रही। हाईकोर्ट के आदेशों पर विभाग ने चौथे दिन सेब के 450 पेड़ काटे। अभी तक चैथला गांव में 2,650 पौधे काटे जा चुके हैं। चैथला में बारिश के बीच वन विभाग की कार्रवाई आठ से दस घंटे चल रही है।
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चैथला में करीब 38 सौ पेड़ों को काटा जाना है। कई लोगों ने सरकारी भूमि पर सेब के बगीचे तैयार किए हैं। चैथला के बाद क्षेत्र के दूसरे गांवों में इस तरह की कार्रवाई की तैयारी है। इधर, किसान सभा इस मुहिम के खिलाफ खड़ी हो गई है। पहले दिन ठियोग में बागवानों को बुलाकर रणनीति तय की गई। मंगलवार को जुब्बल के हाटकोटी में इसका विरोध किया गया। किसान सभा के चैथला तक पहुंचने की आशंकाओं को देखते हुए वहां पुलिस का पहरा कड़ा कर दिया गया है। पुलिस के करीब सौ जवान यहां पर डेरा डाले हुए हैं।
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पुलिस के कड़े पहरे के बीच हो रही कार्रवाई
कोटखाई में वन भूमि को खाली करने के लिए दो स्थानों पर पुलिस का पहरा है। कोटखाई से कुछ दूरी पर चैथला संपर्क मार्ग पर एक टीम तैनात है। दूसरी टीम चमैथ में है। कोटखाई के चौथला गांव में चल रही कार्रवाई के बाद से चौपाल, जुब्बल, रोहडू, चिड़गांव में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के हाथ-पांव भी फूल गए हैं। अतिक्रमणकारी कई वर्षों से निशानदेही न होने के चलते सेब तोड़ते रहे। अब न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद कार्रवाई चल रही है। एसडीएम कोटखाई मोहन शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर अमल किया जा रहा है। न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि वन विभाग की भूमि को तुरंत खाली किया जाए।
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पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने के बजाय सरकार कब्जे में ले : शांता
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने वन भूमि पर अवैध कब्जे कर लगाए सेब बगीचों को लेकर सरकार की कार्रवाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हरे-भरे बगीचों पर कुल्हाड़ी चलाने के बजाय सरकार को इन्हें कब्जे में लेना चाहिए। इन बगीचों को वन विभाग के अधीन कर आय का स्रोत बनाना चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि वन भूमि पर कब्जे कर बगीचे लगाने वालों पर सरकार कठोर कार्रवाई कर रही है। इससे कई जगह लोग परेशान हैं। कई लोगों ने इस संबंध में उन्हें फोन पर चिंता जाहिर की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक स्थान पर 85 वर्ष की बुजुर्ग महिला को उस मकान से बेदखल कर दिया गया, जहां वह वर्षों से रह रही थी। शांता ने कहा कि यह कोई मानवीय दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बागानों पर अवैध कब्जा पाया गया है, वहां सरकार पेड़ न काटे बल्कि उन्हें सरकारी कब्जे में लेकर वन विभाग के अधीन कर दे। इससे न केवल हरे-भरे लाखों पौधे बचेंगे, बल्कि वन विभाग को लाभ का स्रोत भी प्राप्त होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने वन भूमि पर अवैध कब्जे कर लगाए सेब बगीचों को लेकर सरकार की कार्रवाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हरे-भरे बगीचों पर कुल्हाड़ी चलाने के बजाय सरकार को इन्हें कब्जे में लेना चाहिए। इन बगीचों को वन विभाग के अधीन कर आय का स्रोत बनाना चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि वन भूमि पर कब्जे कर बगीचे लगाने वालों पर सरकार कठोर कार्रवाई कर रही है। इससे कई जगह लोग परेशान हैं। कई लोगों ने इस संबंध में उन्हें फोन पर चिंता जाहिर की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक स्थान पर 85 वर्ष की बुजुर्ग महिला को उस मकान से बेदखल कर दिया गया, जहां वह वर्षों से रह रही थी। शांता ने कहा कि यह कोई मानवीय दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बागानों पर अवैध कब्जा पाया गया है, वहां सरकार पेड़ न काटे बल्कि उन्हें सरकारी कब्जे में लेकर वन विभाग के अधीन कर दे। इससे न केवल हरे-भरे लाखों पौधे बचेंगे, बल्कि वन विभाग को लाभ का स्रोत भी प्राप्त होगा।