Manimahesh Yatra: 26 अगस्त से शुरू हो रही मणिमहेश यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू, प्रति यात्री 20 रुपये शुल्क
श्री मणिमहेश यात्रा 26 अगस्त से शुरू होकर 11 सितंबर तक चलेगी। जिसके लिए यात्री मणिमहेश न्यास की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं।
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आधिकारिक तौर पर श्री मणिमहेश यात्रा 26 अगस्त से शुरू होकर 11 सितंबर तक चलेगी। यात्रियों को पंजीकरण के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन सुविधा प्रदान की जा रही है। यात्री मणिमहेश न्यास की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण सुविधा www.manimaheshyatra.hp.gov.in पर उपलब्ध होगी। हर यात्री से 20 रुपये पंजीकरण शुल्क व स्वच्छता शुल्क के रूप में लिए जाएंगे।
श्री मणिमहेश न्यास के अध्यक्ष और कार्यवाहक अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा चौगान नंबर एक चंबा (मिंजर मंच), गुज्जर आश्रम कलसूंई, साडा वाणिज्य परिसर भरमौर, भरमाणी मंदिर परिसर, प्रंघाला नजदीक वन्यजीव विभाग भवन, सुविधा केंद्र गुईनाला और त्यारी तहसील होली में उपलब्ध रहेगी। बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को किसी भी बेस कैंप से वापस भेजा जा सकता है।
पंजीकरण शुल्क व स्वच्छता शुल्क यात्रा के विभिन्न पड़ावों में बनाए गए स्थायी व अस्थायी शौचालयों के रखरखाव, मरम्मत, पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई की व्यवस्था और यात्रा के दौरान प्लास्टिक कूड़े को एकत्रित करके वैज्ञानिक तरीके से उसके निष्पादन पर खर्च होगा। उन्होंने यह भी बताया कि माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश ने सुलेमान बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में यात्रा के दौरान प्रवेश द्वार लगाए जाने तथा यात्रियों की गिनती सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं।
पवित्र मणिमेहश यात्रा का छोटा शाही न्हौण (स्नान) 26 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी पर तड़के 3 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा। छोटे शाही न्हौण में पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी शिव भक्त मणिमहेश पहुंचते हैं।
पंडित विपन शर्मा ने बताया कि इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 26 अगस्त सोमवार की सुबह तड़के 3 बजकर 40 मिनट से शुरू होगा, जो देर रात 2 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन डल झील पर हजारों की तादाद पर शिव भक्त पहुंचते हैं। जैसे ही शुभमुहूर्त आरंभ होता है तो डल झील में डुबकी लगाकर श्रद्धालु शिव के जयकारे लगाते हैं। इस दौरान पूरा मणिमहेश शिव के जयकारों से गूंज उठता है। डल झील में डुबकी लगाने के उपरांत शिवभक्त वापस अपने घरों की ओर प्रस्थान करना आरंभ कर देते हैं। 26 अगस्त से आरंभ होने वाले छोटे शाही न्हौण के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रशासन तैयारियों को पूरा करने में जुटा हुआ है।22 अगस्त से चौपर की सुविधा
भरमौर से गौरीकुंड के लिए 22 अगस्त से चौपर की उड़ानें आरंभ हो जाएंगी। जिन कंपनियों को हेली टैक्सी के टेंडर आवंटित हुए हैं। उनके दो चौपर भरमौर हेलीपैड पर पहुंच गए हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान हवाई यात्रा का लाभ मिलने से चलने-फिरने में असमर्थ शिव भक्तों को लाभ मिलेगा।