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Rampur Bushahar News: निगुलसरी में एनएच-पांच पर 21 घंटे तक थमे रहे वाहनों के पहिये
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बार-बार दरक रही पहाड़ी हजारों लोगों के लिए बन रही आफत, एनएच के दोनों ओर वाहनों की लगी रही लंबी कतारें
सेना के जवानों सहित हजारों लोगों को झेलनी पड़ीं भारी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण किन्नौर जिले को जोड़ने वाला एनएच-पांच इन दिनों सेना समेत हजारों लोगों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है। रोजाना बार-बार दरक रही पहाड़ी के कारण निगुलसरी में यातायात बाधित हो रहा है और आवाजाही बंद होने के कारण दुश्वारियां बरकरार हैं। निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी दरकने के कारण करीब 21 घंटे यातायात ठप रहा। सोमवार दोपहर को नेशनल हाईवे-पांच पर एक बार फिर पहाड़ी दरकने का सिलसिला शुरू हुआ। बड़े-बड़े पत्थरों के आने और भारी भूस्खलन होने के कारण करीब तीन बजे से वाहनों के पहिये जाम हो गए। यातायात अवरुद्ध होने से जिला किन्नौर, काजा-स्पीति और जिला शिमला, रामपुर, ज्यूरी आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर शाम तक बार-बार भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा। इस कारण एनएच को बहाल करना चुनौती बना रहा और प्राधिकरण बाधित एनएच को बहाल नहीं कर पाया। हालांकि, मंगलवार को प्राधिकरण सुबह करीब पांच बजे से बाधित एनएच को बहाल करने में जुटा और करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच-पांच को यातायात के लिए बहाल किया गया। 11 बजे मार्ग बहाल होते ही दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और हजारों लोगों ने राहत की सांस ली।
बहरहाल, जनजातीय जिला किन्नौर के निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी के दरकने से हजारों लोगों की दुश्वारियां बनी हुई हैं। यहां आवाजाही भी खतरे के साये में हो रही है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सफर जानलेवा बना हुआ है।
बार-बार हो रहा भूस्खलन
बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाधित एनएच-पांच को मंगलवार को करीब 11 बजे यातायात के लिए बहाल किया गया। -सतीश जोशी, कनिष्ठ अभियंता, एनएच प्राधिकरण
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सेना के जवानों सहित हजारों लोगों को झेलनी पड़ीं भारी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण किन्नौर जिले को जोड़ने वाला एनएच-पांच इन दिनों सेना समेत हजारों लोगों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है। रोजाना बार-बार दरक रही पहाड़ी के कारण निगुलसरी में यातायात बाधित हो रहा है और आवाजाही बंद होने के कारण दुश्वारियां बरकरार हैं। निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी दरकने के कारण करीब 21 घंटे यातायात ठप रहा। सोमवार दोपहर को नेशनल हाईवे-पांच पर एक बार फिर पहाड़ी दरकने का सिलसिला शुरू हुआ। बड़े-बड़े पत्थरों के आने और भारी भूस्खलन होने के कारण करीब तीन बजे से वाहनों के पहिये जाम हो गए। यातायात अवरुद्ध होने से जिला किन्नौर, काजा-स्पीति और जिला शिमला, रामपुर, ज्यूरी आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर शाम तक बार-बार भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा। इस कारण एनएच को बहाल करना चुनौती बना रहा और प्राधिकरण बाधित एनएच को बहाल नहीं कर पाया। हालांकि, मंगलवार को प्राधिकरण सुबह करीब पांच बजे से बाधित एनएच को बहाल करने में जुटा और करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच-पांच को यातायात के लिए बहाल किया गया। 11 बजे मार्ग बहाल होते ही दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और हजारों लोगों ने राहत की सांस ली।
बहरहाल, जनजातीय जिला किन्नौर के निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी के दरकने से हजारों लोगों की दुश्वारियां बनी हुई हैं। यहां आवाजाही भी खतरे के साये में हो रही है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सफर जानलेवा बना हुआ है।
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बार-बार हो रहा भूस्खलन
बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाधित एनएच-पांच को मंगलवार को करीब 11 बजे यातायात के लिए बहाल किया गया। -सतीश जोशी, कनिष्ठ अभियंता, एनएच प्राधिकरण
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