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पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच हंगामा
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रामपुर बुशहर। निरमंड खंड के बड़गई गांव से दूसरे गांव को पेयजल देने पर ग्रामीणों और जलशक्ति विभाग के बीच हंगामा हो गया। दूसरे गांव को पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाने को लेकर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बड़गई के ग्रामीणों ने दूसरे गांव को पेयजल देने पर रोष जताया है। ग्रामीणों ने विभाग को दूसरे गांव को पानी देने से साफ इनकार कर दिया। शुक्रवार को जलशक्ति विभाग और रंदल व रल्लू गांव के लोग बड़गई गांव को पेयजल मुहैया करवाने वाले जल स्रोत पहुंचे थे। उनके यहां पहुंचने की भनक लगते ही बड़गई के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विभाग के साथ
काफी देर तक हंगामा चलता रहा। ग्रामीण रीता देवी, सरोजनी नेगी, सुषमा, संगीता देवी, ऊषा देवी, प्रदीप नेगी, सुरेश, कृष्ण लाल, प्रेम दास और टिकम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बड़गई गंाव में करीब 40 घर हैं। यहां पर करीब 300 आबादी इसी पेयजल स्रोत पर आश्रित है। ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य साधन सिर्फ कृषि है और ग्रामीण सब्जियां बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यदि बड़गई गांव को मुहैया करवाने वाले जल स्रोत से अन्य दूसरे गांव को पेजयल दिया जाए, तो उनके सामने पेयजल संकट गहरा सकता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता सहित रंदल व रल्लू गांव के 60 से अधिक ग्रामीण जल स्रोत पहुंचे थे। बड़गई गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ काफी देर तक बहसबाजी होती रही। वहीं पेयजल देने से साफ इनकार किया। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग को चेताया है कि यदि इस स्रोत से दूसरे गांव को फिर से पेयजल मुहैया करवाने की कोशिश की तो विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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काफी देर तक हंगामा चलता रहा। ग्रामीण रीता देवी, सरोजनी नेगी, सुषमा, संगीता देवी, ऊषा देवी, प्रदीप नेगी, सुरेश, कृष्ण लाल, प्रेम दास और टिकम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बड़गई गंाव में करीब 40 घर हैं। यहां पर करीब 300 आबादी इसी पेयजल स्रोत पर आश्रित है। ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य साधन सिर्फ कृषि है और ग्रामीण सब्जियां बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यदि बड़गई गांव को मुहैया करवाने वाले जल स्रोत से अन्य दूसरे गांव को पेजयल दिया जाए, तो उनके सामने पेयजल संकट गहरा सकता है।
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गौरतलब है कि शुक्रवार को जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता सहित रंदल व रल्लू गांव के 60 से अधिक ग्रामीण जल स्रोत पहुंचे थे। बड़गई गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ काफी देर तक बहसबाजी होती रही। वहीं पेयजल देने से साफ इनकार किया। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग को चेताया है कि यदि इस स्रोत से दूसरे गांव को फिर से पेयजल मुहैया करवाने की कोशिश की तो विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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