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Rampur Bushahar News: सूखाग्रस्त न्योल क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल किल्लत से मिलेगी राहत

Wed, 10 Jun 2026 11:08 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:08 PM IST
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Villagers in the drought-hit Nyol region will get relief from the drinking water shortage
चौपाल में मानसून की मार से ध्वस्त पेयजल सिस्टम को सुधारने के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे अधिशासी
चौपाल में पेयजल संकट दूर करने को अधिकारी धरातल पर, 50 लाख रुपये का अग्रिम कोष जमा
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अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा और सहायक अभियंता कंवर सिंह ने दर्जनभर गांवों का दौरा किया
संवाद न्यूज एजेंसी

चौपाल (रोहड़ू)। चौपाल उपमंडल के सूखाग्रस्त न्योल क्षेत्र के ग्रामीणों को जल्द ही पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। जल शक्ति मंडल के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा और सहायक अभियंता कंवर सिंह ने तीन गांवों का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य वर्ष 2023 और 2025 में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पेयजल सिस्टम की मरम्मत करना है। अधिकारियों ने टिक्करी, चैंजन और खुंद न्योल पंचायतों के गांवों का दौरा किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने समस्याएं रखीं। रजनीश वर्मा ने बताया कि विभाग तुरंत राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। दौरे में वर्ष 2012 से लंबित एक लिफ्ट पेयजल परियोजना की स्थिति सामने आई। यह परियोजना राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत स्वीकृत हुई थी। कोष की कमी के कारण यह वर्षों तक अधूरी रही। जल जीवन मिशन से जुड़ने के बाद भी यह पूरी नहीं हो पाई थी। इस योजना के विद्युत और विद्युत अवसंरचना के लिए 50 लाख रुपये का अग्रिम कोष बिजली विभाग के पास जमा है। इससे परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है। यह लिफ्ट पेयजल परियोजना 2012 से लंबित थी। इसे राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत मंजूरी मिली थी। कोष की कमी के कारण यह वर्षों तक लटकी रही। जल जीवन मिशन से जुड़ने के बाद भी यह पूरी नहीं हो पाई। अब 50 लाख रुपये का अग्रिम कोष जमा होने से इसके पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।

न्योल क्षेत्र के अधिकांश पारंपरिक जल स्रोत अब खत्म हो चुके हैं। यह अधूरी लिफ्ट योजना ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा के समान है। रजनीश वर्मा ने लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां सुनीं। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को इस अधूरी योजना को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। इसका लक्ष्य चौपाल के दुर्गम गांवों को पानी के गंभीर संकट से स्थायी निजात दिलाना है।
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