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Rampur Bushahar News: ठियोग शहर में सड़क के किनारे बेतरतीब खड़े वाहन यातायात में बन रहे बाधा

Thu, 12 Mar 2026 11:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:27 PM IST
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Vehicles parked on the roadside in Theog city are creating obstruction in traffic
उपमंडल मुख्यालय ठियोग में बेतरतीब पार्किंग से बढ़ी समस्या, लग रहा जाम। संवाद
बसों की आवाजाही बहाल करने में अवैध पार्किंग बनी सबसे बड़ी समस्या
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. बैठकों के बावजूद नहीं निकला समाधान, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग शहर में बसों की पुराने ढंग से आवाजाही बहाल करने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन सड़क के किनारे बढ़ती अवैध पार्किंग इस योजना के रास्ते में बड़ी बाधा बन गई है। शहर की मुख्य सड़कों पर दोनों ओर खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था पहले से ही प्रभावित है। ऐसे में बसों का नियमित संचालन शुरू करना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या सिविल अस्पताल के निचले हिस्से वाली सड़क पर है। यहां सड़क के दोनों ओर दिनभर वाहन खड़े रहते हैं। इससे सड़क काफी तंग हो जाती है और अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। जब दो बसें आमने-सामने आ जाएं, तो उन्हें क्रॉस करने में काफी परेशानी होती है और यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। शहर के अन्य हिस्सों में भी यही हाल है। जगह-जगह सड़क के किनारे अवैध पार्किंग ने कब्जा जमा रखा है। इसमें निजी वाहनों के साथ कई व्यापारियों के वाहन भी खड़े रहते हैं। वहीं, नेहरू मैदान में लगाए गए गेट भी पार्किंग समस्या का समाधान बनने के बजाय विवाद का कारण बन गए हैं। बाईपास पर भी कई वाहन खड़े नजर आते हैं। शहर में पार्किंग व्यवस्था का अभाव इस समस्या की मुख्य वजह है। नेता अक्सर कस्बे में पार्किंग बनाने के दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर वार्ड नंबर-चार में 20 वाहनों की एकमात्र पार्किंग ही बन पाई है, जिसकी छत पर भी तहबाजारियों का कब्जा है। इस कारण दो मंजिला पार्किंग सिर्फ कागजों में ही है। नगर परिषद के व्यावसायिक परिसर के पिछली तरफ पार्किंग के निर्माण के लिए धन स्वीकृत हुआ था, लेकिन परिषद में कुर्सी की आपसी खींचतान के चलते यह योजना दम तोड़ते हुए नजर आ रही है। बसों की आवाजाही शुरू करने के लिए स्थानीय व्यापारी वर्ग ने एसडीएम से मांग भी उठाई थी। इस मुद्दे को लेकर एसडीएम की अध्यक्षता में परिवहन निगम समेत कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं। हालांकि, बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से शहर में पार्किंग की समस्या को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। इस वजह से अब हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जब तक पुलिस की ओर से सड़क के किनारे खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक बसों की नियमित आवाजाही शुरू करना संभव नहीं हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर जब्त किए गए वाहनों को शिमला भेज कर सड़क को खाली करने का काम शुरू कर दिया है।


बसों को चलाने के लिए विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ कई बैठकें की गई हैं, लेकिन सड़क पर खड़े वाहनों के कारण कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। सड़क से वाहनों को हटाने के लिए उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परामर्श दिए हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। - शशांक गुप्ता, एसडीएम
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