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वीबी-जी रामजी योजना पर प्रदेश सरकार लोगों को कर रही गुमराह: राकेश डोगरा
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वीबी-जी रामजी योजना पर प्रदेश सरकार लोगों को कर रही गुमराह : राकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने कहा कि प्रदेश सरकार वीबी-जी रामजी योजना को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। मुख्यमंत्री योजना के संबंध में भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। डोगरा ने कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि नई योजना लागू होने से मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी कम हो जाएगी, जबकि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत मिलने वाला मानदेय मनरेगा की मजदूरी से कम नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि नई योजना के तहत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन की जाएगी। इसके अलावा, यदि 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान मिलेगा। उन्होंने कहा कि काम उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। वहीं कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ भी श्रमिकों को मिलेगा। निर्माण कार्यों में केंद्र सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों के बावजूद प्रदेश सरकार राजनीतिक कारणों से योजना को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से योजना के संबंध में सही तथ्यों को जनता के सामने रखने और राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने कहा कि प्रदेश सरकार वीबी-जी रामजी योजना को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। मुख्यमंत्री योजना के संबंध में भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। डोगरा ने कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि नई योजना लागू होने से मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी कम हो जाएगी, जबकि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत मिलने वाला मानदेय मनरेगा की मजदूरी से कम नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि नई योजना के तहत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन की जाएगी। इसके अलावा, यदि 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान मिलेगा। उन्होंने कहा कि काम उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। वहीं कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ भी श्रमिकों को मिलेगा। निर्माण कार्यों में केंद्र सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों के बावजूद प्रदेश सरकार राजनीतिक कारणों से योजना को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से योजना के संबंध में सही तथ्यों को जनता के सामने रखने और राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की।