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Rampur Bushahar News: सर्च ऑपरेशन में लाइव डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल
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खोजी कुत्ते को बनाया सर्च ऑपरेशन का हिस्सा
रात 12 बजे तक खुला रहेगा रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। समेज आपदा में मलबे के नीचे दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए लाइव डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में लाइव डिटेक्टर डिवाइस की सहायता से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, हालांकि अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके साथ ही खोजी कुत्तों को भी सर्च ऑपरेशन का हिस्सा बनाया गया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि लाइव डिटेक्टर डिवाइस की सहायता से मलबे के नीचे सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक इससे भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जब तक सर्च अभियान चलेगा, उक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही स्निफर डॉग की सहायता भी ली जा रही है। वही रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी अगले आदेशों तक हर रात को 12 बजे तक खुला रहेगा, ताकि आपदा राहत कार्य प्रभावित न हो। गौर रहे कि लाइव डिटेक्टर डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है, जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों का पता लगाते हैं और फिर पीडि़तों का सटीक तरीके से पता लग जाता है। यह जलरोधी संचार जांच प्रणाली है, जो 26 फीट केबल से लैस है। हल्का और कॉम्पैक्ट लीडर सर्च कंट्रोल बॉक्स डेढ़ घंटे की लाइफ वाली रिचार्जेबल बैटरी द्वारा संचालित होता है। एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का निर्माण कर सर्च ऑपरेशन खड्ड के दूसरी ओर भी शुरू कर दिया है। पानी का बहाव तेज होने से दो दिन से अस्थायी पुल निर्माण करने में दिक्कत पेश आ रही थी। टीम ने शनिवार सुबह से लेकर शाम तक खड्ड के दूसरे किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे सूचना पता नहीं चल पाई।
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रात 12 बजे तक खुला रहेगा रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। समेज आपदा में मलबे के नीचे दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए लाइव डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में लाइव डिटेक्टर डिवाइस की सहायता से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, हालांकि अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके साथ ही खोजी कुत्तों को भी सर्च ऑपरेशन का हिस्सा बनाया गया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि लाइव डिटेक्टर डिवाइस की सहायता से मलबे के नीचे सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक इससे भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जब तक सर्च अभियान चलेगा, उक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही स्निफर डॉग की सहायता भी ली जा रही है। वही रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी अगले आदेशों तक हर रात को 12 बजे तक खुला रहेगा, ताकि आपदा राहत कार्य प्रभावित न हो। गौर रहे कि लाइव डिटेक्टर डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है, जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों का पता लगाते हैं और फिर पीडि़तों का सटीक तरीके से पता लग जाता है। यह जलरोधी संचार जांच प्रणाली है, जो 26 फीट केबल से लैस है। हल्का और कॉम्पैक्ट लीडर सर्च कंट्रोल बॉक्स डेढ़ घंटे की लाइफ वाली रिचार्जेबल बैटरी द्वारा संचालित होता है। एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का निर्माण कर सर्च ऑपरेशन खड्ड के दूसरी ओर भी शुरू कर दिया है। पानी का बहाव तेज होने से दो दिन से अस्थायी पुल निर्माण करने में दिक्कत पेश आ रही थी। टीम ने शनिवार सुबह से लेकर शाम तक खड्ड के दूसरे किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे सूचना पता नहीं चल पाई।
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