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वेतन नहीं मिलने पर रामपुर में गरजे नगर परिषद के श्रमिक
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नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन लंबित मांगों को लेकर श्रम कार्यालय रामपुर के बाहर जमकर नारेब?
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। चार महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज ठेका मजदूरों ने वीरवार को श्रम विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर परिषद रामपुर की ठेका मजदूर यूनियन ने जमकर नारेबाजी की।
सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, रणजीत ठाकुर, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद में कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को पिछले लंबे समय से वेतन नहीं मिल रहा है। समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन, ठेकेदार और श्रम विभाग को अवगत करवाया गया। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि बीते माह श्रम और समझौता अधिकारी रामपुर के समक्ष बैठक में प्रबंधन पक्ष ने माना था कि सभी मजदूरों को बकाया वेतन 10 सितंबर से पहले मिल जाएगा। इसके साथ ही श्रम कानूनों को लागू किया जाएगा लेकिन मजदूरों को न बीते चार माह का वेतन मिला और न ही श्रम कानूनों के दायरे में आने वाली सुविधाएं दी गई हैं। वेतन नहीं मिलने के कारण ठेका मजदूरों को महंगाई के इस दौर में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि मार्च माह का वेतन न देना और अपनी मांग को उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी ठेकेदार और नगर परिषद के प्रबंधन दे रहा है। इसके साथ ही नगर परिषद में काम कर रहे मजदूरों को न तो श्रम अधिकारी से सत्यापित कोई आईकार्ड दिया जा रहा है और न ही वेतन स्लिप। इसके साथ ही रविवार की छुट्टी के अलावा अन्य कोई अवकाश नहीं दी जा रहा है।
ईएसआई और ईपीएफ का रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गरीब मजदूरों को चार माह से वेतन नहीं मिलने से परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर जल्द उनका वेतन नहीं मिला तो वह कूड़ा इकट्ठा करने का कार्य बंद कर देंगे। इस मौके पर मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, बीरमानिय, सोनिया, चिंता, गंगी, पूनम, फलवती, सोनी, सुमारी और सुरजमनी सहित अन्य मौजूद रहे।
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सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, रणजीत ठाकुर, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद में कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को पिछले लंबे समय से वेतन नहीं मिल रहा है। समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन, ठेकेदार और श्रम विभाग को अवगत करवाया गया। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।
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उन्होंने कहा कि बीते माह श्रम और समझौता अधिकारी रामपुर के समक्ष बैठक में प्रबंधन पक्ष ने माना था कि सभी मजदूरों को बकाया वेतन 10 सितंबर से पहले मिल जाएगा। इसके साथ ही श्रम कानूनों को लागू किया जाएगा लेकिन मजदूरों को न बीते चार माह का वेतन मिला और न ही श्रम कानूनों के दायरे में आने वाली सुविधाएं दी गई हैं। वेतन नहीं मिलने के कारण ठेका मजदूरों को महंगाई के इस दौर में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि मार्च माह का वेतन न देना और अपनी मांग को उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी ठेकेदार और नगर परिषद के प्रबंधन दे रहा है। इसके साथ ही नगर परिषद में काम कर रहे मजदूरों को न तो श्रम अधिकारी से सत्यापित कोई आईकार्ड दिया जा रहा है और न ही वेतन स्लिप। इसके साथ ही रविवार की छुट्टी के अलावा अन्य कोई अवकाश नहीं दी जा रहा है।
ईएसआई और ईपीएफ का रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गरीब मजदूरों को चार माह से वेतन नहीं मिलने से परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर जल्द उनका वेतन नहीं मिला तो वह कूड़ा इकट्ठा करने का कार्य बंद कर देंगे। इस मौके पर मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, बीरमानिय, सोनिया, चिंता, गंगी, पूनम, फलवती, सोनी, सुमारी और सुरजमनी सहित अन्य मौजूद रहे।