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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Tomato prices rose in the country's markets and the season ended in Nerwa

Rampur Bushahar News: बारिश से खराब हुई फसल, एक माह पहले सिमटा टमाटर का सीजन

Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
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किसानों का बीज, खाद और कीटनाशकों का खर्चा भी नहीं हुआ पूरा
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देश की मंडियों में टमाटर के चढ़े भाव तो नेरवा में सीजन ही समाप्त


संवाद न्यूज एजेंसी

नेरवा (रोहड़ू)। टमाटर उत्पादकों के लिए यह वर्ष अच्छा नहीं रहा। अधिक बारिश से कई बीमारियों के संक्रमण के कारण अगस्त के अंत में समाप्त होने वाला टमाटर सीजन जुलाई में ही समाप्त हो गया। नतीजतन, किसानों का बीज, खाद व कीटनाशकों का खर्चा भी पूरा नहीं हुआ। ऊपर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टमाटर की फसल किसानों की आर्थिकी की रीढ़ है, लेकिन सरकार की अनेदखी से इस साल नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि टमाटर की फसल में बीमारियों की रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने भी कभी चौपाल के टमाटर उत्पादकों के खेतों का रुख नहीं किया और न ही कभी प्रशिक्षण देने के लिए शिविर लगाए। टमाटर की फसल खराब होने से बाजार में टमाटर के दाम भी आसमान छू रहे हैं। केदी के टमाटर उत्पादक किसान सूरत राम शर्मा ने बताया कि इस सबसे पहले टमाटर के पौधों में काले धब्बे पड़े, फिर यही धब्बे फलों पर भी पड़ गए। इस कारण टमाटर सड़ गए। इसके बाद पत्ते पीले होकर समय पूर्व ही झड़ गए। नतीजतन, एक माह पूर्व ही टमाटर का सीजन समाप्त हो गया। उन्हें इस बात का भी मलाल है कि किसानों को बीमारियों से निपटने में कृषि विभाग की कोई मदद नहीं मिली। बागवानों ने बीमारियों की रोकथाम के लिए अपनी समझ के मुताबिक छिड़काव तो किए, लेकिन उनका कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कीटनाशकों, बीजों और खाद की लागत भी नहीं निकल पाई है। नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि इस वर्ष सीजन के आरंभ से ही टमाटर कई बीमारियों से ग्रसित रहे और दाने का आकार छोटा रहा। इसके चलते फसल के दाम अच्छे नहीं मिले। सीजन भी एक माह पूर्व ही समाप्त हो गया। पहले सीजन के दौरान नेरवा सब्जी मंडी में रोजाना लगभग 5000 क्रेट आते थे, जबकि इस बार 100 से 200 से के बीच आ रहे हैं। उसकी गुणवत्ता भी काफी खराब है। अब जब देश की मंडियों में टमाटर के भाव चढ़े हैं, तो यहां का सीजन ही समाप्त हो गया है।
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