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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Today, the deities meet for the Pran Pratishtha ritual in Laalsa

Rampur Bushahar News: लालसा में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में देवताओं का मिलन आज

Fri, 20 Feb 2026 11:35 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:35 PM IST
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. जाइयों, भांजे और देवताओं का ढोल-नगाड़ों की थाप पर होगा स्वागत
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. देव अधिष्ठाता दोगणू के नवनिर्मित मंदिर में शतचंडी पाठ जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। परशुराम की पवित्र स्थली लयापुरी लालसा में देव अधिष्ठाता दोगणू की नवनिर्मित कोठी में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चल रहा है। धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन मंदिर में शतचंडी पाठ जारी है। शनिवार को ऐतिहासिक देव मिलन होगा। मंदिर पहुंचने पर जाइयों और भांजे समेत देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। माता मंगला काली मंदिर और दोगणू देवता के नवनिर्मित मंदिर के अंदर प्रौढ़ में 11 पंडितों की अगुआई में अलग-अलग विधि-विधान और मंत्र उच्चारण के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए किया जा रहा है। देवता साहिब दोगणू का रथ बाहर मचखंडी में शतचंडी का पाठ सुनने के लिए विराजमान हैं। मंदिर समिति प्रधान शीश शर्मा और उप प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि पाठ नियमित रूप से पूर्णाहुति तक चलते रहेंगे। पाठ की रस्म अलग-अलग पंडितों की उपस्थिति में निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देवता दोगणू की ओर से पांच-पांच बदाणू (निमंत्रण देने वाले व्यक्ति) प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने वाले देवताओं को निमंत्रण के लिए रवाना किए गए हैं। शनिवार को दोपहर के आसपास सबसे पहले जाइयों और भांजों का इष्ट देवता की मौजूदगी में मंदिर समिति पदाधिकारी और सदस्य धार्मिक परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत करेंगे। शाम 4:00 बजे से प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शिरकत करने वाले देवताओं का माता मंगला काली मंदिर परिसर में स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मंडप के चारों तरफ देवताओं की उपस्थिति में छमाछणी कार्यक्रम किया जाएगा। मंदिर परिसर में ही प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में पहुंचे देवताओं का ऐतिहासिक देव मिलन समारोह होगा। देवताओं के रथ को माता मंगला काली मंदिर परिसर में बैठाने के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

30 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना
22 फरवरी को शिखा फेर की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद सभी देवता नवनिर्मित कोठी में क्रमवार पहुंचकर गूर के माध्यम से विधि-विधान के साथ कलश स्थापित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को पूर्णाहुति प्रदान की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन लालसा बस अड्डे से नीचे मंगला काली मैरिज पैलेस में रखा गया है। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में करीब 30 हजार लोगों के भाग लेने की संभावना है। 23 फरवरी को जाइयों और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचे देवताओं की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए विदा किया जाएगा।
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