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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   There is no doctor, pharmacist or lab technician at PHC Kotighat.

Rampur Bushahar News: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सहारे चल रहे पीएससी क्यारा और धर्मपुर, बलग में सिर्फ मिड वाइफ तैनात

Thu, 20 Nov 2025 11:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:29 PM IST
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पीएचसी कोटीघाट में न डाॅक्टर, न फाॅर्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी तैनात नहीं
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ग्रामीण क्षेत्रों में डाॅक्टरों और स्टॉफ की कमी से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, ओपीडी में 80 फीसदी की कमी

अमर उजाला ब्यूरो

शिमला। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में चिकित्सकों और सहयोगी स्टॉफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। शिमला जिला की कोटीघाट पीएसची में न तो चिकित्सक हैं न ही फाॅर्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी। पीएचसी क्यारा और धर्मपुर सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रही है। बलग पीएचसी में सिर्फ एक मिड वाइफ तैनात है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इन पीएचसी में स्टॉफ उपलब्ध न होने से ओपीडी 2023 के मुकाबले करीब 80 फीसदी कम हो गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लोगों को शहर के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है, जिससे शहर के अस्पतालों में रोगियों की भीड़ बढ़ गई है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटीघाट, क्यारा, बलग और धर्मपुर समेत कई संस्थानों में स्वीकृत चिकित्सा अधिकारी के पद रिक्त हैं। कोटीघाट में मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसी ऑफिसर और सीनियर लैब टेक्नीशियन सहित सभी 3 पद खाली हैं। पीएचसी क्यारा, बलग और धर्मपुर में भी मेडिकल ऑफिसर के पद पर कोई कार्यरत नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर और सहयोगी स्टॉफ उपलब्ध न होने के कारण ओपीडी में भारी कमी आई है। क्यारा में वर्ष 2023 में ओपीडी 1443 थी, जो वर्ष 2024 में घटकर सिर्फ 246 रह गई और वर्ष 2025 (अक्तूबर तक) में यह संख्या 286 है। धर्मपुर में वर्ष 2023 में ओपीडी 6475 थी, जो वर्ष 2024 में घटकर 1822 रह गई।

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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में न तो डॉक्टर हैं न ही सहयोगी स्टॉफ, जिसके कारण लोगों को छोटी मोटी बीमारी के इलाज के लिए भी शहरोें का रुख करना पड़ रहा है। आरटीआई के मध्यम से ली गई जानकारी में भी इसी पुष्टि हुई है। प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिख कर व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया है।
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अमित मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता

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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पिछले दिनों ही 100 डाॅक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात करने के आदेश जारी किए गए हैं। नए तैनात होने वाले डाॅक्टरों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं अनिवार्य करने की दिशा में भी सरकार प्रयास कर रही है।
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- एम सुधा देवी, स्वास्थ्य सचिव, हिमाचल प्रदेश
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