{"_id":"6ab25e410b8fe1375705dcf2","slug":"theog-waiting-for-parking-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1003-170377-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: पार्किंग के इंतजार में ठियोग, जाम से वाहन सवार और चालान से मालिक परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: पार्किंग के इंतजार में ठियोग, जाम से वाहन सवार और चालान से मालिक परेशान
विज्ञापन
ठियोग में एनएच पर दोनों और कतार में खड़े वाहन। संवाद
अभियान 3 : हाईवे और बाजार की सड़कें बनीं पार्किंग स्थल, सड़क पर वाहन खड़ा करना मजबूरी
. नगर में रोजाना होती है 1300 वाहनों की आवाजाही, पार्किंग मात्र 20 की
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग नगर के सात वार्डों के साथ आसपास की पंचायतों के लोगों के लिए पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में पर्याप्त पार्किंग सुविधा न होने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में वाहन सड़कों के किनारे खड़े किए जा रहे हैं। शहर में लगने वाले जाम से वाहन सवार और सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने पर चालान से वाहन मालिक परेशान हैं। सिविल अस्पताल से रहीघाट तक क्षेत्र में रोजाना सुबह और शाम जाम की समस्या आम हो गई है। सड़क के किनारे खड़े वाहनों से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से बाजार आने वाले लोगों को मजबूरी में अपना वाहन सड़क के किनारे ही खड़ा करना पड़ता है। पार्किंग की कमी के चलते ठियोग बाईपास पर भी रोजाना बड़ी संख्या में वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां 100 से अधिक वाहन खड़े रहते हैं। वहीं, कई वाहन चालकों को मजबूरी में करीब एक किलोमीटर दूर कोटखाई रोड पर जनोग गांव की ओर सड़क के किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। सड़क के किनारे वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई और चालान होने से वाहन मालिकों की परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना केवल चालान करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। ठियोग नगर में रोजाना करीब 1,300 वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था मात्र 20 गाड़ियों की है। नगर में करीब 500 वाहन है, जबकि बाजार और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना करीब 800 वाहनों का दबाव रहता है। इसके मुकाबले वर्तमान में पार्किंग की सुविधा बेहद सीमित है। ठियोग में वर्तमान में वार्ड नंबर -चार में महज 20 वाहनों की पार्किंग है। 20 वाहनों की पार्किंग और तैयार की जा रही है। इसके अलावा ठियोग के नए बस अड्डे में भी 100 से अधिक वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान प्रस्तावित है। हालांकि, आवश्यक कागजी कार्रवाई और औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इस पार्किंग सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बाजार में आने वाले वाहनों की संख्या और उपलब्ध पार्किंग के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। पार्किंग की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा स्थानीय लोगों, व्यापारियों और वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
कारोबार पर पड़ रहा असर
स्थानीय निवासी और व्यापारी सुनील शर्मा, रोहित वर्मा, दीप ठाकुर, वरुण श्याम, लायक राम सहित अन्य लोगों का कहना है कि ठियोग बाजार आसपास की कई पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए निजी वाहनों से यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने वाले वाहनों का भी दबाव रहता है। पार्किंग की सुविधा नहीं होने से ग्राहक बाजार में वाहन लेकर आने से बचते हैं। इसका असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए पार्किंग अब सुविधा नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत बन चुकी है। चुनावों के दौरान शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के वादे किए जाते हैं, लेकिन पार्किंग जैसी समस्या वर्षों से बनी हुई है। अब लोगों को आश्वासन के बजाय धरातल पर पार्किंग सुविधा चाहिए।
नगर परिषद तलाश रही नए पार्किंग स्थल
नगर परिषद अध्यक्ष करुणा कवर ने बताया कि वार्ड नंबर-चार में 20 वाहनों की पार्किंग तैयार की जा रही है। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड में एचआरटीसी की जगह पर 100 से अधिक वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। शहर में अन्य पार्किंग स्थलों की भी तलाश की जा रही है, ताकि बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए पार्किंग की समस्या का समाधान किया जा सके।
विज्ञापन
ठियोग नगर में पार्किंग की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता में है। नगर में वाहन पार्किंग के कई स्थान विकसित किए जा रहे है। साथ ही अन्य जगहों की भी तलाश की जा रही है। - कुलदीप सिंह राठौर, विधायक
विज्ञापन
. नगर में रोजाना होती है 1300 वाहनों की आवाजाही, पार्किंग मात्र 20 की
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग नगर के सात वार्डों के साथ आसपास की पंचायतों के लोगों के लिए पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में पर्याप्त पार्किंग सुविधा न होने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में वाहन सड़कों के किनारे खड़े किए जा रहे हैं। शहर में लगने वाले जाम से वाहन सवार और सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने पर चालान से वाहन मालिक परेशान हैं। सिविल अस्पताल से रहीघाट तक क्षेत्र में रोजाना सुबह और शाम जाम की समस्या आम हो गई है। सड़क के किनारे खड़े वाहनों से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से बाजार आने वाले लोगों को मजबूरी में अपना वाहन सड़क के किनारे ही खड़ा करना पड़ता है। पार्किंग की कमी के चलते ठियोग बाईपास पर भी रोजाना बड़ी संख्या में वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां 100 से अधिक वाहन खड़े रहते हैं। वहीं, कई वाहन चालकों को मजबूरी में करीब एक किलोमीटर दूर कोटखाई रोड पर जनोग गांव की ओर सड़क के किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। सड़क के किनारे वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई और चालान होने से वाहन मालिकों की परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना केवल चालान करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। ठियोग नगर में रोजाना करीब 1,300 वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था मात्र 20 गाड़ियों की है। नगर में करीब 500 वाहन है, जबकि बाजार और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना करीब 800 वाहनों का दबाव रहता है। इसके मुकाबले वर्तमान में पार्किंग की सुविधा बेहद सीमित है। ठियोग में वर्तमान में वार्ड नंबर -चार में महज 20 वाहनों की पार्किंग है। 20 वाहनों की पार्किंग और तैयार की जा रही है। इसके अलावा ठियोग के नए बस अड्डे में भी 100 से अधिक वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान प्रस्तावित है। हालांकि, आवश्यक कागजी कार्रवाई और औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इस पार्किंग सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बाजार में आने वाले वाहनों की संख्या और उपलब्ध पार्किंग के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। पार्किंग की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा स्थानीय लोगों, व्यापारियों और वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
कारोबार पर पड़ रहा असर
स्थानीय निवासी और व्यापारी सुनील शर्मा, रोहित वर्मा, दीप ठाकुर, वरुण श्याम, लायक राम सहित अन्य लोगों का कहना है कि ठियोग बाजार आसपास की कई पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए निजी वाहनों से यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने वाले वाहनों का भी दबाव रहता है। पार्किंग की सुविधा नहीं होने से ग्राहक बाजार में वाहन लेकर आने से बचते हैं। इसका असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए पार्किंग अब सुविधा नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत बन चुकी है। चुनावों के दौरान शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के वादे किए जाते हैं, लेकिन पार्किंग जैसी समस्या वर्षों से बनी हुई है। अब लोगों को आश्वासन के बजाय धरातल पर पार्किंग सुविधा चाहिए।
विज्ञापन
नगर परिषद तलाश रही नए पार्किंग स्थल
नगर परिषद अध्यक्ष करुणा कवर ने बताया कि वार्ड नंबर-चार में 20 वाहनों की पार्किंग तैयार की जा रही है। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड में एचआरटीसी की जगह पर 100 से अधिक वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। शहर में अन्य पार्किंग स्थलों की भी तलाश की जा रही है, ताकि बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए पार्किंग की समस्या का समाधान किया जा सके।
विज्ञापन
ठियोग नगर में पार्किंग की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता में है। नगर में वाहन पार्किंग के कई स्थान विकसित किए जा रहे है। साथ ही अन्य जगहों की भी तलाश की जा रही है। - कुलदीप सिंह राठौर, विधायक

ठियोग में एनएच पर दोनों और कतार में खड़े वाहन। संवाद

ठियोग में एनएच पर दोनों और कतार में खड़े वाहन। संवाद