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Rampur Bushahar News: पित्तू किस्म के सेब के लिए बने अलग से कार्टन
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ठियोग के लाफूघाटी में सेब बागवानों की समस्याएं सुनते एसडीएम डॉ. शशांक गुप्ता। संवाद
एसडीएम ने जेसीओ एप्पल मंडी लाफूघाटी का किया औचक निरीक्षण, बागवानों ने रखी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के एसडीएम शशांक गुप्ता ने बुधवार को जेसीओ एप्पल मंडी लाफूघाटी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में सेब कारोबार से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने सेब बागवानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों के संबंध में फीडबैक लिया। इस दौरान बागवानों ने पित्तू (छोटा) साइज के सेब के लिए अलग आकार के कार्टन की व्यवस्था करने की मांग उठाई। बागवानों ने बताया कि वर्तमान में पित्तू साइज के सेब को यूनिवर्सल कार्टन में पैक करने में व्यावहारिक समस्या आ रही है। यदि निर्धारित लेयर के अनुसार ही सेब भरा जाता है, तो पेटी का वजन अपेक्षाकृत कम रह जाता है और अंदर सेब लूज रहने के कारण उसके दागी होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, एक अतिरिक्त लेयर बढ़ाने पर पेटी का वजन अधिक हो जाता है, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है। बागवानों ने सुझाव दिया कि पित्तू साइज के सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन से अलग एक विशेष कार्टन तैयार किया जाना चाहिए, ताकि निर्धारित वजन और पैकिंग के अनुरूप सेब की गुणवत्ता भी बनी रहे और उत्पादकों को आर्थिक नुकसान न हो। बागवानों ने इस संबंध में सरकार की ओर से अलग कार्टन की व्यवस्था पर विचार किए जाने की आवश्यकता जताई। एसडीएम ने सेब उत्पादकों से मंडी में फसल की बिक्री, बोली एवं खरीद प्रक्रिया, तौल, भुगतान और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बागवानों की ओर से उठाए गए मुद्दों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मंडी में यातायात व्यवस्था को लेकर भी बागवानों ने अपना फीडबैक साझा किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल आसपास की मंडियों की तुलना में सबसे अधिक सेब का माल लाफूघाटी मंडी में आ रहा है। इसके चलते मंडी में वाहनों की संख्या अधिक रहने के बावजूद यहां यातायात व्यवस्था सुचारू बनी हुई है और ट्रैफिक का प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। बागवानों ने मंडी में वाहनों की आवाजाही को लेकर व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। एसडीएम ने बागवानों की ओर से दिए गए सुझावों और फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों को अपनी उपज के विपणन के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए मंडी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मंडी प्रबंधन को बागवानों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने, मंडी में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के एसडीएम शशांक गुप्ता ने बुधवार को जेसीओ एप्पल मंडी लाफूघाटी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में सेब कारोबार से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने सेब बागवानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों के संबंध में फीडबैक लिया। इस दौरान बागवानों ने पित्तू (छोटा) साइज के सेब के लिए अलग आकार के कार्टन की व्यवस्था करने की मांग उठाई। बागवानों ने बताया कि वर्तमान में पित्तू साइज के सेब को यूनिवर्सल कार्टन में पैक करने में व्यावहारिक समस्या आ रही है। यदि निर्धारित लेयर के अनुसार ही सेब भरा जाता है, तो पेटी का वजन अपेक्षाकृत कम रह जाता है और अंदर सेब लूज रहने के कारण उसके दागी होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, एक अतिरिक्त लेयर बढ़ाने पर पेटी का वजन अधिक हो जाता है, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है। बागवानों ने सुझाव दिया कि पित्तू साइज के सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन से अलग एक विशेष कार्टन तैयार किया जाना चाहिए, ताकि निर्धारित वजन और पैकिंग के अनुरूप सेब की गुणवत्ता भी बनी रहे और उत्पादकों को आर्थिक नुकसान न हो। बागवानों ने इस संबंध में सरकार की ओर से अलग कार्टन की व्यवस्था पर विचार किए जाने की आवश्यकता जताई। एसडीएम ने सेब उत्पादकों से मंडी में फसल की बिक्री, बोली एवं खरीद प्रक्रिया, तौल, भुगतान और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बागवानों की ओर से उठाए गए मुद्दों एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। मंडी में यातायात व्यवस्था को लेकर भी बागवानों ने अपना फीडबैक साझा किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल आसपास की मंडियों की तुलना में सबसे अधिक सेब का माल लाफूघाटी मंडी में आ रहा है। इसके चलते मंडी में वाहनों की संख्या अधिक रहने के बावजूद यहां यातायात व्यवस्था सुचारू बनी हुई है और ट्रैफिक का प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। बागवानों ने मंडी में वाहनों की आवाजाही को लेकर व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। एसडीएम ने बागवानों की ओर से दिए गए सुझावों और फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों को अपनी उपज के विपणन के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए मंडी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मंडी प्रबंधन को बागवानों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने, मंडी में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।