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Rampur Bushahar News: ठियोग बीडीसी सदस्यों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा
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ठियोग में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते पंचायत समिति सदस्य और अन्य। संवाद
अध्यक्ष यशोदा और उपाध्यक्ष योगेश शर्मा के विरोध पास किया अविश्वास प्रस्ताव
भाजपा समर्थित सदस्यों ने अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को गद्दी से उतारने में निभाई अहम भूमिका
ठियोग में जल्द सात दिन में मिलेगा नया बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग( रामपुर ब़ुशहर)। ठियोग में राजनीतिक गलियारों में सर्दियों के दिनों में भी तापमान खासा बढ़ता जा रहा है। ठियोग में सोमवार को नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा देने की तपिश अब पंचायत समिति तक पहुंच गई है। मंगलवार को पंचायत समिति सदस्यों ने पिछले चार साल से सत्ता पर काबिज अध्यक्ष यशोदा और उपाध्यक्ष योगेश शर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया। खंड विकास कार्यालय परिसर में सुबह से ही सरगर्मियां तेज थीं। 12 बजे समिति की बैठक में समिति के कुल 22 सदस्यों में से 18 सदस्यों के सामने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखा, लेकिन सदस्यों के बीच विश्वास कायम नहीं रख पाए। उपस्थित 18 सदस्यों की उपस्थिति में अविश्वास प्रस्ताव रखा गया, लेकिन चार सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। बाकी बचे 14 सदस्यों में से 13 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि चार सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। एक सदस्य का मत अवैध पाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद अध्यक्ष यशोदा देवी ने कहा कि पिछले चार वर्षों तक सभी सदस्यों ने उनका सहयोग किया है। इसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी के साथ मिलकर पंचायतों के विकास के लिए कार्य किया है। समिति उपाध्यक्ष योगेश दत्त ने कहा कि उन्हें चार साल पहले यह पदभार सौंपा गया था। क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए उन्होंने सभी बैठकों में हाजिर होकर कार्य किया है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि ये सदस्यों का अधिकार है, लेकिन जिस प्रकार ठियोग के हित के लिए कार्य किया उससे वे संतुष्ट हैं और जो भी नए अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनेंगे। उनके साथ भी वह पूरा सहयोग करेंगे, ताकि क्षेत्र की पंचायतों में विकास कार्य जारी रहे। समिति के युवा सदस्य सुरेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने इसलिए अविश्वास प्रस्ताव में भाग नहीं लिया, क्योंकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अच्छा कार्य कर रहे थे।
जिला पंचायत अधिकारी सतीश शर्मा ने बताया कि बैठक में कोरम पूरा रहा और 13 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन के चलते प्रस्ताव पास हो गया। सात दिनों बाद नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद के लिए बैठक होगी। उल्लेखनीय है कि ठियोग नगर परिषद में भी उपाध्यक्ष के इस्तीफे के बाद हलचल जारी है और नप में भी सत्ता परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।
अंतर्कलह बनी वजह
सूत्रों की जानकारी के अनुसार भाजपा समर्थित सदस्यों ने भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को गद्दी से उतारने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, कोई भी सदस्य खुलकर सामने आने से गुरेज कर रहा है। भाजपा की अंतर्कलह सामने आने से पार्टी की किरकिरी बनी हुई है। इसके अलावा चार कांग्रेस समिति सदस्यों ने पूरे घटनाक्रम से दूरी बनाए रखी। दूसरी ओर अध्यक्ष पद महिला अनुसूचित जाति के आरक्षित है। नियमानुसार पंचायत समिति सदस्यों में यशोदा देवी, पूनम और नेहा तीन सदस्य ही अध्यक्ष पद के दावेदार हैं।
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भाजपा समर्थित सदस्यों ने अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को गद्दी से उतारने में निभाई अहम भूमिका
ठियोग में जल्द सात दिन में मिलेगा नया बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग( रामपुर ब़ुशहर)। ठियोग में राजनीतिक गलियारों में सर्दियों के दिनों में भी तापमान खासा बढ़ता जा रहा है। ठियोग में सोमवार को नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा देने की तपिश अब पंचायत समिति तक पहुंच गई है। मंगलवार को पंचायत समिति सदस्यों ने पिछले चार साल से सत्ता पर काबिज अध्यक्ष यशोदा और उपाध्यक्ष योगेश शर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया। खंड विकास कार्यालय परिसर में सुबह से ही सरगर्मियां तेज थीं। 12 बजे समिति की बैठक में समिति के कुल 22 सदस्यों में से 18 सदस्यों के सामने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखा, लेकिन सदस्यों के बीच विश्वास कायम नहीं रख पाए। उपस्थित 18 सदस्यों की उपस्थिति में अविश्वास प्रस्ताव रखा गया, लेकिन चार सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। बाकी बचे 14 सदस्यों में से 13 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि चार सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। एक सदस्य का मत अवैध पाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद अध्यक्ष यशोदा देवी ने कहा कि पिछले चार वर्षों तक सभी सदस्यों ने उनका सहयोग किया है। इसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी के साथ मिलकर पंचायतों के विकास के लिए कार्य किया है। समिति उपाध्यक्ष योगेश दत्त ने कहा कि उन्हें चार साल पहले यह पदभार सौंपा गया था। क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए उन्होंने सभी बैठकों में हाजिर होकर कार्य किया है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि ये सदस्यों का अधिकार है, लेकिन जिस प्रकार ठियोग के हित के लिए कार्य किया उससे वे संतुष्ट हैं और जो भी नए अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनेंगे। उनके साथ भी वह पूरा सहयोग करेंगे, ताकि क्षेत्र की पंचायतों में विकास कार्य जारी रहे। समिति के युवा सदस्य सुरेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने इसलिए अविश्वास प्रस्ताव में भाग नहीं लिया, क्योंकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अच्छा कार्य कर रहे थे।
जिला पंचायत अधिकारी सतीश शर्मा ने बताया कि बैठक में कोरम पूरा रहा और 13 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन के चलते प्रस्ताव पास हो गया। सात दिनों बाद नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद के लिए बैठक होगी। उल्लेखनीय है कि ठियोग नगर परिषद में भी उपाध्यक्ष के इस्तीफे के बाद हलचल जारी है और नप में भी सत्ता परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।
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अंतर्कलह बनी वजह
सूत्रों की जानकारी के अनुसार भाजपा समर्थित सदस्यों ने भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को गद्दी से उतारने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, कोई भी सदस्य खुलकर सामने आने से गुरेज कर रहा है। भाजपा की अंतर्कलह सामने आने से पार्टी की किरकिरी बनी हुई है। इसके अलावा चार कांग्रेस समिति सदस्यों ने पूरे घटनाक्रम से दूरी बनाए रखी। दूसरी ओर अध्यक्ष पद महिला अनुसूचित जाति के आरक्षित है। नियमानुसार पंचायत समिति सदस्यों में यशोदा देवी, पूनम और नेहा तीन सदस्य ही अध्यक्ष पद के दावेदार हैं।
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