{"_id":"688cc75df820d1d42d074617","slug":"the-tender-for-the-critical-care-block-rohru-got-delayed-due-to-a-flaw-in-the-administrative-process-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-140648-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: प्रशासनिक प्रकिया में खामी से लकटा क्रिटिकल केयर ब्लाॅक रोहड़ू का टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: प्रशासनिक प्रकिया में खामी से लकटा क्रिटिकल केयर ब्लाॅक रोहड़ू का टेंडर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में क्रिटिकल केयर ब्लाॅक के निर्माण को लेकर शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया प्रशासनिक खामियों के कारण लटक गई है। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी है। इस ब्लाॅक में ट्रामा सेंटर की तर्ज पर आपातकालीन सेवाएं मरीजों को मिलेंगी। रोहड़ू में प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लाॅक को मंत्रिमंडल से अप्रैल में मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत करीब 26 करोड़ की लागत से ब्लाक का निर्माण होगा। इसके निर्माण की जिम्मेवारी एचएचएल कंपनी को सौंपी है। स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को करीब पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। जुलाई में इसके निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन प्रशासनिक खामियों का हवाला देकर टेंडर को रद कर दिया गया। इस ब्लाॅक में मरीजों के लिए 50 बिस्तरों की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा आधुनिक ऑपरेशन थियेटर, दो प्रसुति कक्ष और सघन चिकित्सा कक्ष का निर्माण होना था। आपातकाल में मरीज का पहले यहां पर उपचार शुरू होगा। उसके बाद अस्पताल में दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, अभी रोहड़ू अस्पताल में करीब 32 चिकित्सकों के साथ 200 बिस्तरों की पहले से सुविधा उपलब्ध है, लेकिन हर दिन यहां पर ओपीडी में मरीजों की संख्या छह सौ से आठ सौ होने के कारण उपचार करने में डाॅक्टरों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। दोबारा प्रक्रिया होगी शुरू
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि एचएचएल कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि प्रशासनिक कारणों से पहली बार क्रिटिकल केयर ब्लाॅक रोहडू की टेंडर प्रकिया को रद किया गया है। दोबारा कमियों को पूरा करने के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में क्रिटिकल केयर ब्लाॅक के निर्माण को लेकर शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया प्रशासनिक खामियों के कारण लटक गई है। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी है। इस ब्लाॅक में ट्रामा सेंटर की तर्ज पर आपातकालीन सेवाएं मरीजों को मिलेंगी। रोहड़ू में प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लाॅक को मंत्रिमंडल से अप्रैल में मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत करीब 26 करोड़ की लागत से ब्लाक का निर्माण होगा। इसके निर्माण की जिम्मेवारी एचएचएल कंपनी को सौंपी है। स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को करीब पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। जुलाई में इसके निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन प्रशासनिक खामियों का हवाला देकर टेंडर को रद कर दिया गया। इस ब्लाॅक में मरीजों के लिए 50 बिस्तरों की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा आधुनिक ऑपरेशन थियेटर, दो प्रसुति कक्ष और सघन चिकित्सा कक्ष का निर्माण होना था। आपातकाल में मरीज का पहले यहां पर उपचार शुरू होगा। उसके बाद अस्पताल में दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, अभी रोहड़ू अस्पताल में करीब 32 चिकित्सकों के साथ 200 बिस्तरों की पहले से सुविधा उपलब्ध है, लेकिन हर दिन यहां पर ओपीडी में मरीजों की संख्या छह सौ से आठ सौ होने के कारण उपचार करने में डाॅक्टरों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। दोबारा प्रक्रिया होगी शुरू
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि एचएचएल कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि प्रशासनिक कारणों से पहली बार क्रिटिकल केयर ब्लाॅक रोहडू की टेंडर प्रकिया को रद किया गया है। दोबारा कमियों को पूरा करने के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन