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प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों के लिए बनाई जाए स्थायी नीति : आप
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आउटसोर्स व्यवस्था के चलते हजारों युवाओं का हो रहा शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश में वर्षों से कार्यरत हजारों युवा आउटसोर्स व्यवस्था के तहत शोषण का शिकार हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। आम आदमी पार्टी किन्नौर के पूर्व अध्यक्ष मनीष नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास माननीयों के वेतन और भत्ते बढ़ाने के लिए तो करोड़ों रुपये मौजूद हैं, लेकिन जब बात आम जनता, कर्मचारियों, पेंशनधारकों और बेरोजगार युवाओं की आती है, तो सरकार खाली खजाने का बहाना बनाने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के खजाने में आज भी करोड़ों रुपये बकाया राशि के रूप में पड़े हैं, लेकिन उन पैसों का उपयोग जनता के कल्याण के लिए नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था के नाम पर शिक्षित, प्रशिक्षित और डिप्लोमा धारक युवा वर्ग को 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह की मामूली तनख्वाह पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है, जो कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश में वर्षों से कार्यरत हजारों युवा आउटसोर्स व्यवस्था के तहत शोषण का शिकार हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। आम आदमी पार्टी किन्नौर के पूर्व अध्यक्ष मनीष नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास माननीयों के वेतन और भत्ते बढ़ाने के लिए तो करोड़ों रुपये मौजूद हैं, लेकिन जब बात आम जनता, कर्मचारियों, पेंशनधारकों और बेरोजगार युवाओं की आती है, तो सरकार खाली खजाने का बहाना बनाने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के खजाने में आज भी करोड़ों रुपये बकाया राशि के रूप में पड़े हैं, लेकिन उन पैसों का उपयोग जनता के कल्याण के लिए नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था के नाम पर शिक्षित, प्रशिक्षित और डिप्लोमा धारक युवा वर्ग को 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह की मामूली तनख्वाह पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है, जो कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।