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Rampur Bushahar News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल फेल होने पर जल शक्ति विभाग ने भरा 1.66 करोड़ रुपये जुर्माना
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रोहड़ू, जुब्बल और मतियाणा मंडल पर लगाई थी पर्यावरण क्षतिपूर्ति
. रोहड़ू मंडल ने 1.12 करोड़, जुब्बल मंडल ने 44.60 लाख, मतियाणा मंडल ने 90 हजार करवाए जमा
. पहले तीनों मंडलों ने जुर्माने को रद्द करने की अपील की थी दाखिल, अब राशि जमा कर ली वापस
प्रकाश ठाकुर
रामपुर बुशहर। जल शक्ति विभाग ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल होने पर करबी 1.58 करोड़ रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना भरा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल शक्ति विभाग के रोहड़ू मंडल पर 1.12 करोड़ रुपये, जुब्बल मंडल पर 44.60 लाख और मतियाणा मंडल पर 9.9 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। हालांकि, मतियाणा मंडल ने अभी 90 हजार रुपये जुर्माना भरा है। शेष राशि को उचित समय पर जमा करने को कहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नारकंडा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जुब्बल स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और रोहड़ू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अंतिम निकास से पानी के सैंपल लिए थे, जाे जांच में फेल पाए गए। सैंपल फेल होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरी कार्रवाई करके तीनों प्लांट के प्रबंधन यानी जल शक्ति विभाग पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई। इसके बाद रोहड़ू, जुब्बल और जुब्बल मंडलों ने सह अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष इस जुर्माने को रद्द करने की अपील दाखिल की। सह अपीलीय प्राधिकरण एवं पर्यावरण सचिव आईएफएस सुशील कुमार सिंगला के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जल शक्ति विभाग के अधिकारी पेश हुए। जुब्बल मंडल की ओर से लिखित में बयान दिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाई गई 44.60 लाख रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति जमा करवा दी गई है। वह अपील को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने अपील वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार किया गया। इसी तहत मतियाणा मंडल की ओर से भी एक बयान दाखिल किया गया, जिसमें बताया कि बोर्ड की ओर लगाए 9,09,000 रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति में से 10 प्रतिशत यानी 90,000 रुपये जमा कर दिया है। शेष राशि उचित समय पर जमा करवा दी जाएगी। अपील को वापस लेने के अनुरोध को भी स्वीकार किया गया। रोहड़ू मंडल ने भी लिखित में एक बयान दिया है कि उन्होंने बोर्ड की ओर से लगाए गए 1,12,37,500 रुपये का पर्यावरण मुआवजा जमा कर दिया है। उन्होंने भी अपील वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। संवाद
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. रोहड़ू मंडल ने 1.12 करोड़, जुब्बल मंडल ने 44.60 लाख, मतियाणा मंडल ने 90 हजार करवाए जमा
. पहले तीनों मंडलों ने जुर्माने को रद्द करने की अपील की थी दाखिल, अब राशि जमा कर ली वापस
प्रकाश ठाकुर
रामपुर बुशहर। जल शक्ति विभाग ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल होने पर करबी 1.58 करोड़ रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना भरा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल शक्ति विभाग के रोहड़ू मंडल पर 1.12 करोड़ रुपये, जुब्बल मंडल पर 44.60 लाख और मतियाणा मंडल पर 9.9 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। हालांकि, मतियाणा मंडल ने अभी 90 हजार रुपये जुर्माना भरा है। शेष राशि को उचित समय पर जमा करने को कहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नारकंडा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जुब्बल स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और रोहड़ू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अंतिम निकास से पानी के सैंपल लिए थे, जाे जांच में फेल पाए गए। सैंपल फेल होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरी कार्रवाई करके तीनों प्लांट के प्रबंधन यानी जल शक्ति विभाग पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई। इसके बाद रोहड़ू, जुब्बल और जुब्बल मंडलों ने सह अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष इस जुर्माने को रद्द करने की अपील दाखिल की। सह अपीलीय प्राधिकरण एवं पर्यावरण सचिव आईएफएस सुशील कुमार सिंगला के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जल शक्ति विभाग के अधिकारी पेश हुए। जुब्बल मंडल की ओर से लिखित में बयान दिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाई गई 44.60 लाख रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति जमा करवा दी गई है। वह अपील को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने अपील वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार किया गया। इसी तहत मतियाणा मंडल की ओर से भी एक बयान दाखिल किया गया, जिसमें बताया कि बोर्ड की ओर लगाए 9,09,000 रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति में से 10 प्रतिशत यानी 90,000 रुपये जमा कर दिया है। शेष राशि उचित समय पर जमा करवा दी जाएगी। अपील को वापस लेने के अनुरोध को भी स्वीकार किया गया। रोहड़ू मंडल ने भी लिखित में एक बयान दिया है कि उन्होंने बोर्ड की ओर से लगाए गए 1,12,37,500 रुपये का पर्यावरण मुआवजा जमा कर दिया है। उन्होंने भी अपील वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। संवाद