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Rampur Bushahar News: दलाश में देव आगमन के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक ऋषि पंचमी मेला

Fri, 18 Sep 2026 11:35 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:35 PM IST
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The historic Rishi Panchami fair began in Dalash with the arrival of the deity
​दलाश में ऐतिहासिक ऋषि पंचमी दो दिवसीय मेले में देवताओं का आर्शीवाद लेते श्रद्धालु। संवाद
. चार देवी-देवताओं ने बढ़ाई मेले की शोभा, लोगों ने देवताओं के समक्ष टेका माथा
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. पीसी डोगरा के गानों पर झूमे लोग, दिनभर चला नाटियों का जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)।
दलाश क्षेत्र के प्राचीन एवं ऐतिहासिक ऋषि पंचमी दो दिवसीय मेले का शुक्रवार को देव आगमन के साथ शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय मेले में चार देवी-देवताओं ने शिरकत कर मेले की शोभा बढ़ाई। इनमें मेजबान जगेश्वर महादेव, खोडू देवता, कुई कंडा नाग और दुर्गा माता शाणी प्रमुख रहे। शिव मंदिर दलाश से सभी देवी-देवताओं के रथ मेला स्थल तक ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे। इस दौरान सभी श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। मेला स्थल पर चारों देवी-देवताओं का भव्य मिलन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़े। मेले के पहले दिन लोगों ने क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और देव परंपराओं का जाना। दिनभर मेला स्थल पर पारंपरिक नाटियों का दौर चलता रहा। लोक गायक पीसी डोगरा के गीतों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। डोगरा ने माहा माईये खेगसू माईये, नाटी गानी खिमे रामा, मथुरा देवी ऐ हो, हाला रो लाग राधूऐ, निर्मला की नाटी, चंभू की नाटी सहित अन्य पहाड़ी गीतों से समां बांधा। लोगों ने गीतों का खूब आनंद लिया और जमकर नाटी डाली। शाम के समय देवताओं को मेला स्थल से शिव मंदिर ले गया। प्रवेश करने के बाद पारंपरिक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। मंदिर में बुजुर्गों ने ढैंकली और बांसुरी की धुन पर पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। पारंपरिक गीतों पर तमाशा किया, जिस पर देवताओं ने नृत्य किया। गीतों पर बुजुर्ग मंदिर में शाम को नाटी डाली। मंदिर कमेटी के कारदार रमेश वर्मा ने बताया कि ऋषि पंचमी मेले का आयोजन कई दशकों से किया जा रहा है। दो दिवसीय मेले में हर वर्ष हजारों लोग पहुंचकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष भी मेला हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। आज देव विदाई के साथ मेले का समापन होगा।
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