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सी-ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाए सरकार : चेतन बरागटा
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रोहड़ू।
भाजपा नेता चेतन बरागटा ने प्रदेश सरकार से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सी-ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सेब की घटती उत्पादकता और गुणवत्ता के कारण बागवानों को इस बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बरागटा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सेब की उत्पादकता लगातार कम हो रही है। इस वर्ष अल्टरनेरिया रोग, फसल में संक्रमण और ओलावृष्टि से सेब की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। पर्याप्त शीतलन अवधि न मिलने से भी समस्या बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में सेब सी-ग्रेड श्रेणी में जा रहा है। उन्होंने सरकार से एमआईएस के तहत समर्थन मूल्य बढ़ाने का आग्रह किया। इससे बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। बरागटा ने एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सेब प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लाखों परिवारों की आजीविका इस पर निर्भर करती है। यदि बागवानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे बागवानी क्षेत्र और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। सरकार को बागवानों के हित में तत्काल निर्णय लेने चाहिए।
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भाजपा नेता चेतन बरागटा ने प्रदेश सरकार से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सी-ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सेब की घटती उत्पादकता और गुणवत्ता के कारण बागवानों को इस बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बरागटा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सेब की उत्पादकता लगातार कम हो रही है। इस वर्ष अल्टरनेरिया रोग, फसल में संक्रमण और ओलावृष्टि से सेब की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। पर्याप्त शीतलन अवधि न मिलने से भी समस्या बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में सेब सी-ग्रेड श्रेणी में जा रहा है। उन्होंने सरकार से एमआईएस के तहत समर्थन मूल्य बढ़ाने का आग्रह किया। इससे बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। बरागटा ने एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सेब प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लाखों परिवारों की आजीविका इस पर निर्भर करती है। यदि बागवानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे बागवानी क्षेत्र और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। सरकार को बागवानों के हित में तत्काल निर्णय लेने चाहिए।