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Rampur Bushahar News: बरी स्कूल में एक शिक्षक के भरोसे 63 बच्चों का भविष्य
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सरकार और शिक्षा विभाग की नाकामी का दंश झेल रहे बरी स्कूल के दर्जनों विद्यार्थी
दो माह पूर्व मुख्याध्यापिका हुई सेवानिवृत्त, स्कूल में तैनात एक अन्य शिक्षक की हुई पदोन्नति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से 42 प्राथमिक और माध्यमिक पाठशालाओं को बंद करने के फरमान जारी किया है। इससे जिले भर के अभिभावकों में रोष है। वहीं जिले का एक स्कूल ऐसा भी है, जो एक शिक्षक के हवाले चल रहा है। स्कूल में अध्ययनरत 63 बच्चों को एक शिक्षक ही पढ़ा रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणात्मक शिक्षा कैसे मिलेगी, इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं। सरकार और शिक्षा विभाग से मसला उठाने के बाद भी स्कूल में शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में अभिभावकों में शिक्षा विभाग के प्रति खासी नाराजगी है।
गौर हो कि बीते दो माह से प्राथमिक पाठशाला बरी में 63 बच्चे एक ही अध्यापक के हवाले हैं। मुख्याध्यापक के सेवानिवृत्त होने और एक अन्य अध्यापक के पदोन्नत होने के कारण स्कूली बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे में केवल एक ही शिक्षक पांच-पांच कक्षाओं को संभाल रहा है। जनजातीय जिले में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावों की यहां पोल खुल रही है। एक शिक्षक को पांच-पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है, जबकि स्कूल में मुख्याध्यापक सहित शिक्षकों की तीन पद स्वीकृत हैं। एसएमसी अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, अभिभावक कोकिला देवी, राधा देवी, सपना नेगी, अंजना, रीना कुमारी, नीरू देवी और विजय लक्ष्मी सहित अन्य लोगों ने कहा कि बीते दो माह से बच्चों की शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। एक शिक्षक इतने अधिक बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों की समस्या के बारे में बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हो पाई है।
भाजपा जिला प्रवक्ता एवं पूर्व प्रधान बरी योगराज नेगी ने बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने जिले भर में 42 स्कूलों को बंद किया है, इसके बावजूद जिले के स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। एक शिक्षक 63 बच्चों को कैसे पढ़ा सकता है, इसका आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं। वर्तमान कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। कैबिनेट मंत्री से मामला उठाने के बाद भी रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा।
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उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक किन्नौर कुलदीप नेगी ने बताया कि बरी स्कूल के लिए एक एचटी अध्यापक की तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं, जो जल्द ही अपना जिम्मा संभालेगा। बच्चों की शिक्षा अब प्रभावित नहीं होगी।
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दो माह पूर्व मुख्याध्यापिका हुई सेवानिवृत्त, स्कूल में तैनात एक अन्य शिक्षक की हुई पदोन्नति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से 42 प्राथमिक और माध्यमिक पाठशालाओं को बंद करने के फरमान जारी किया है। इससे जिले भर के अभिभावकों में रोष है। वहीं जिले का एक स्कूल ऐसा भी है, जो एक शिक्षक के हवाले चल रहा है। स्कूल में अध्ययनरत 63 बच्चों को एक शिक्षक ही पढ़ा रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणात्मक शिक्षा कैसे मिलेगी, इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं। सरकार और शिक्षा विभाग से मसला उठाने के बाद भी स्कूल में शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में अभिभावकों में शिक्षा विभाग के प्रति खासी नाराजगी है।
गौर हो कि बीते दो माह से प्राथमिक पाठशाला बरी में 63 बच्चे एक ही अध्यापक के हवाले हैं। मुख्याध्यापक के सेवानिवृत्त होने और एक अन्य अध्यापक के पदोन्नत होने के कारण स्कूली बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे में केवल एक ही शिक्षक पांच-पांच कक्षाओं को संभाल रहा है। जनजातीय जिले में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावों की यहां पोल खुल रही है। एक शिक्षक को पांच-पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है, जबकि स्कूल में मुख्याध्यापक सहित शिक्षकों की तीन पद स्वीकृत हैं। एसएमसी अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, अभिभावक कोकिला देवी, राधा देवी, सपना नेगी, अंजना, रीना कुमारी, नीरू देवी और विजय लक्ष्मी सहित अन्य लोगों ने कहा कि बीते दो माह से बच्चों की शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। एक शिक्षक इतने अधिक बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों की समस्या के बारे में बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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भाजपा जिला प्रवक्ता एवं पूर्व प्रधान बरी योगराज नेगी ने बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने जिले भर में 42 स्कूलों को बंद किया है, इसके बावजूद जिले के स्कूलों में अध्यापकों की कमी चल रही है। एक शिक्षक 63 बच्चों को कैसे पढ़ा सकता है, इसका आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं। वर्तमान कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। कैबिनेट मंत्री से मामला उठाने के बाद भी रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा।
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उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक किन्नौर कुलदीप नेगी ने बताया कि बरी स्कूल के लिए एक एचटी अध्यापक की तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं, जो जल्द ही अपना जिम्मा संभालेगा। बच्चों की शिक्षा अब प्रभावित नहीं होगी।