{"_id":"6aa67c5177496f05e70de34f","slug":"the-bhado-fair-will-be-held-at-the-devta-sahib-damukh-temple-complex-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-169620-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: देवता साहिब दमुख मंदिर परिसर में मनाया जाएगा भादो मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: देवता साहिब दमुख मंदिर परिसर में मनाया जाएगा भादो मेला
विज्ञापन
धार्मिक रीति रिवाज के मुताबिक साल में एक बार सजाया जाता है देवी का रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
परशुराम जी की चार ठहरियों में शुमार नोग घोड़ी देव अधिष्ठाता प्रमुख देवता दमुख के मंदिर परिसर में बुधवार को भादो मेला मनाया जाएगा। प्राचीन काल से चली आ रही देव परंपरा का निर्वहन करते हुए देवी साहिबा का रथ साल में एक बार भादो मेले के दिन श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विशेष रूप से सजाया जाता है। मेले में दशोटी के अलावा बाहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने मेले में पहुंचते हैं। खासकर, मेले में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा संख्या में देखने को मिलती है। देवी-देवताओं का महामिलन का विशेष महत्व रहता है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर दिन भर महिला और पुरुष देवलू संग नाटी डालेंगे। वहीं, मंदिर नियमों के मुताबिक देवता साहिब दमुख के धार्मिक कार्यक्रमों को बखूबी अंजाम देने के मकसद से मान्यता के मुताबिक देवलू की जिम्मेदारी एक साल के लिए मंदिर समिति की ओर से ग्राम वार सौंपी जाती है। परंपराओं का निर्वहन करते हुए ग्राम कराली थाना को भार मुक्त किए जाने के उपरांत अगले एक साल के लिए देवलू की जिम्मेदारी ग्रामवासी जगूनी को विधिवत सौंप दी जाएगी। इस दिन एक साल के अंतराल में मंदिर समिति को प्राप्त हुई आय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से मेले की तैयारी पूरी कर ली गई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
परशुराम जी की चार ठहरियों में शुमार नोग घोड़ी देव अधिष्ठाता प्रमुख देवता दमुख के मंदिर परिसर में बुधवार को भादो मेला मनाया जाएगा। प्राचीन काल से चली आ रही देव परंपरा का निर्वहन करते हुए देवी साहिबा का रथ साल में एक बार भादो मेले के दिन श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विशेष रूप से सजाया जाता है। मेले में दशोटी के अलावा बाहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने मेले में पहुंचते हैं। खासकर, मेले में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा संख्या में देखने को मिलती है। देवी-देवताओं का महामिलन का विशेष महत्व रहता है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर दिन भर महिला और पुरुष देवलू संग नाटी डालेंगे। वहीं, मंदिर नियमों के मुताबिक देवता साहिब दमुख के धार्मिक कार्यक्रमों को बखूबी अंजाम देने के मकसद से मान्यता के मुताबिक देवलू की जिम्मेदारी एक साल के लिए मंदिर समिति की ओर से ग्राम वार सौंपी जाती है। परंपराओं का निर्वहन करते हुए ग्राम कराली थाना को भार मुक्त किए जाने के उपरांत अगले एक साल के लिए देवलू की जिम्मेदारी ग्रामवासी जगूनी को विधिवत सौंप दी जाएगी। इस दिन एक साल के अंतराल में मंदिर समिति को प्राप्त हुई आय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से मेले की तैयारी पूरी कर ली गई है।