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Rampur Bushahar News: काशंग कंडा और सांगला कंडा में बनी कृत्रिम झील ने बढ़ाई चिंता

Sat, 27 Sep 2025 05:26 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:26 PM IST
सार

रिकांगपिओ (किन्नौर) में सांगला और काशंग कंडा की कृत्रिम झीलों से प्रशासन को खतरे की आशंका है। उपायुक्त ने संभावित नुकसान रोकने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली लगाने और सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

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The artificial lakes built in Kashang Kanda and Sangla Kanda have raised concerns.
काशंग और सांगला कंडा में बनी कृत्रिम झील से होने वाले नुकसान को रोकने और समाधान को लेकर बैठक की

विस्तार

उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ नुकसान को रोकने और समय रहते कदम उठाने पर किया विचार-विमर्श
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प्रभावित होने वाले गांवों में दिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली लगाने के निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिले में काशंग कंडा और सांगला कंडा में बनी कृत्रिम झील ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने शुक्रवार को कृत्रिम झील से होने वाले नुकसान से बचने और समाधान पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को झील से जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सांगला और काशंग कंडे में बनी कृत्रिम झीलें चिंता का विषय है। इसका समाधान संवेदनशीलता के साथ करना आवश्यक है। बीते साल इन कृत्रिम झीलों का विस्तार से अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ शोध दल को मौके पर भेजा गया था। उनकी ओर से होने वाले नुकसान और समाधान के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। उपायुक्त ने सांगला और काशंग कंडा से प्रभावित होने वाले गांव में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही संचार और निकासी योजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि पानी के नीचे की ओर आने के बाद मानव जीवन की हानि को कम किया जा सके। सांगला कंडे से कृत्रिम झील फटने के बाद लोगों और सामान्य जनजीवन को सुरक्षित करने के लिए सिर्फ एक घंटा 20 मिनट का समय होगा। उपायुक्त ने उपस्थित विद्युत परियोजनाओं के बांध सुरक्षा अधिकारियों से आह्वान किया कि वे साल 2023 में सिक्किम में तीसता बांध के ढहने का अध्ययन करें और उन खामियों से अपने बचाव प्लान को सुदृढ़ बनाएं।
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