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Rampur Bushahar News: एक माह में लूहरी परियोजना प्रभावितों की समस्याएं नहीं सुलझीं तो उग्र होगा आंदोलन
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. कमेटी ने परियोजना प्रमुख को सौंपा आठ सूत्रीय मांग पत्र
. राेजगार, प्रदूषण और दरारों का मुआवजा न मिलने पर प्रभावितों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बायल में लूहरी जलविद्युत परियोजना प्रमुख से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना प्रमुख को आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा। किसान सभा ने परियोजना निर्माण से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान सभा प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि इन समस्याओं को लेकर सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। लिखित समझौते भी हुए हैं। इसके बावजूद अधिकांश मांगों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रभावित किसानों में भारी रोष है। सभा ने परियोजना निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल से फसलों को हुए नुकसान का लंबित मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग की। देलठ, नीरथ और फाटी देहरा में वर्ष 2021-22 का मुआवजा दिया गया है, जबकि फाटी बायल और गड़ेच में सर्वे होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। वहीं, शमाथला, भुट्टी, देलठ, करांगला, बड़ाच, फाटी देहरा, बायल और गड़ेच में वर्ष 2022-23 के फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बावजूद प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा परियोजना की ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का लंबित मुआवजा देने की मांग रखी। नित्थर, भुट्टी, करांगला और बड़ाच पंचायतों में सर्वे के बाद भुगतान करने और अधिग्रहित जमीन के कुछ परिवारों को लंबित एकमुश्त राशि जारी करने की मांग की गई। गांव बरकेली के छूटे 33 परिवारों को फसल नुकसान का मुआवजा, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और परियोजना प्रभावित पंचायतों में लाडा का पैसा खर्च करने की मांग भी उठाई गई। सभा ने दुराह पंचायत के वार्ड डवारच, मलता और दुराह में ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का सर्वे करवाने की मांग की। सभा ने कहा कि यदि एक माह में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम की होगी। सभा ने कहा कि परियोजना प्रबंधन की ओर से लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर कृष्णा राणा, प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, कपिल ठाकुर, रेखा, काकू कश्यप, सुंदर जिष्टू, गंगा राम और दर्शन सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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. राेजगार, प्रदूषण और दरारों का मुआवजा न मिलने पर प्रभावितों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बायल में लूहरी जलविद्युत परियोजना प्रमुख से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना प्रमुख को आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा। किसान सभा ने परियोजना निर्माण से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान सभा प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि इन समस्याओं को लेकर सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। लिखित समझौते भी हुए हैं। इसके बावजूद अधिकांश मांगों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रभावित किसानों में भारी रोष है। सभा ने परियोजना निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल से फसलों को हुए नुकसान का लंबित मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग की। देलठ, नीरथ और फाटी देहरा में वर्ष 2021-22 का मुआवजा दिया गया है, जबकि फाटी बायल और गड़ेच में सर्वे होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। वहीं, शमाथला, भुट्टी, देलठ, करांगला, बड़ाच, फाटी देहरा, बायल और गड़ेच में वर्ष 2022-23 के फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बावजूद प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा परियोजना की ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का लंबित मुआवजा देने की मांग रखी। नित्थर, भुट्टी, करांगला और बड़ाच पंचायतों में सर्वे के बाद भुगतान करने और अधिग्रहित जमीन के कुछ परिवारों को लंबित एकमुश्त राशि जारी करने की मांग की गई। गांव बरकेली के छूटे 33 परिवारों को फसल नुकसान का मुआवजा, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और परियोजना प्रभावित पंचायतों में लाडा का पैसा खर्च करने की मांग भी उठाई गई। सभा ने दुराह पंचायत के वार्ड डवारच, मलता और दुराह में ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का सर्वे करवाने की मांग की। सभा ने कहा कि यदि एक माह में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम की होगी। सभा ने कहा कि परियोजना प्रबंधन की ओर से लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर कृष्णा राणा, प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, कपिल ठाकुर, रेखा, काकू कश्यप, सुंदर जिष्टू, गंगा राम और दर्शन सहित कई अन्य मौजूद रहे।