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Rampur Bushahar News: स्कूल खस्ताहाल, बरामदे में लग रहीं कक्षाएं
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प्राथमिक स्कूल थाचवा में नौ महीने पहले क्षतिग्रस्त भवन की सरकार और विभाग ने आज तक नहीं ली सुध
शौचालय भी खस्ताहाल, मैदान का डंगा भी ढहा, खौफ में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बेशक सरकारें विकास के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों आज भी विद्यार्थी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालत यह है कि पिछले साल बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त स्कूलों की आज तक मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसी ही हालत आनी विधानसभा क्षेत्र के निरमंड खंड के प्राथमिक स्कूल थाचवा की है। यहां बरसात के समय आपदा से क्षतिग्रस्त भवन, दीवार और खेल मैदान की नौ माह के बाद भी कोई सुध नहीं ली जा रही। ऐसे में सरकार और विभाग की अनदेखी दो दर्जन से अधिक नौनिहालों पर भारी पड़ रही है और मजबूरी में बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गौर हो कि निरमंड खंड की प्राथमिक पाठशाला बीते वर्ष अगस्त में प्राकृतिक आपदा और भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। पीछे की दीवार ढहने के कारण मलबा स्कूल की दो कक्षाओं के पीछे पड़ा है। इससे दो कक्षाओं के लिए खतरा बना हुआ है। कक्षा की दीवारों पर दरारें भी पड़ गई हैं। इस वजह से असुरक्षित घोषित किए गए इन दो कमरों में कक्षाएं नहीं लग पा रही है। मजबूरी में पहली से पांचवीं कक्षा के नौनिहालों की कक्षाएं स्कूल के बरामदे में लग रही हैं। स्कूल के दो अन्य कमरों में स्टोर और कार्यालय का काम चल रहा है। यही नहीं स्कूल के मैदान के सामने का डंगा भी भूस्खलन की जद में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां स्कूल के विद्यार्थी खेलते हैं। इससे हर समय बच्चों के घायल होने का खतरा बना रहता है। पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग को अवगत करवाते हुए राहत की गुहार भी लगाई गई है, लेकिन नौ माह के लंबे समय के बाद भी न तो सरकार जागी और न ही शिक्षा विभाग। मामला केवल नुकसान की रिपोर्ट भेजने तक सिमट कर रह गया है। ऐसे में साफ प्रतीत होता है कि सरकार और शिक्षा विभाग को स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 29 नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
इनसेट
बदलना पड़ा मतदान केंद्र, मतदाताओं को भी झेलनी होंगी दिक्कतें
मामला यहीं नहीं सिमटता क्षतिग्रस्त कक्षाओं में से एक कक्षा में लोकसभा चुनाव को लेकर पोलिंग बूथ स्थापित किया गया है, जिसे अब दूसरे कमरे में बदलना पड़ेगा। स्कूल का शौचालय भी दयनीय हालत में है। इस वजह से यहां पहुंचने वाले मतदाताओं के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एक जून को मतदाताओं की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हैरानी इस बात की है कि प्रशासन भी मतदान को लेकर किसी तरह से व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है और नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम करने को कोई भी विभाग और प्रशासन पुख्ता कदम उठाने को तैयार नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम निरमंड ने भी मौके का मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया था, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहां माहौल ही सुरक्षित न हो तो अभिभावक अपने बच्चों को कैसे सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे?
कोट्स
प्राथमिक स्कूल थाचवा भवन और मैदान को प्राकृतिक आपदा से नुकसान पहुंचा है। करीब साढ़े चार लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद ही राहत कार्य शुरू किया जाएगा।
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वंदना कौशल, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, निरमंड
कोट्स
क्षतिग्रस्त हुए मतदान केंद्र को दूसरे कमरे में बदला जाएगा। शौचालय की व्यवस्था बनाने के लिए बीडीओ निरमंड को निर्देश दिए गए हैं।
मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
कोट्स
यह कांग्रेस का व्यवस्था परिवर्तन, आचार संहिता हटते ही विधायक निधि से करवाएंगे मरम्मत
सत्तासीन कांग्रेस सरकार का यह व्यवस्था परिवर्तन है। नौ माह से नौनिहालों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं है। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार आउटर सराज क्षेत्र के साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं आया, अब सूचना मिली है, तो आदर्श चुनाव आचार संहिता हटते ही विधायक निधि से स्कूल की मरम्मत के लिए राशि जुटाएंगे।
लोकेंद्र, विधायक, आनी विस क्षेत्र
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शौचालय भी खस्ताहाल, मैदान का डंगा भी ढहा, खौफ में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बेशक सरकारें विकास के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों आज भी विद्यार्थी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालत यह है कि पिछले साल बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त स्कूलों की आज तक मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसी ही हालत आनी विधानसभा क्षेत्र के निरमंड खंड के प्राथमिक स्कूल थाचवा की है। यहां बरसात के समय आपदा से क्षतिग्रस्त भवन, दीवार और खेल मैदान की नौ माह के बाद भी कोई सुध नहीं ली जा रही। ऐसे में सरकार और विभाग की अनदेखी दो दर्जन से अधिक नौनिहालों पर भारी पड़ रही है और मजबूरी में बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गौर हो कि निरमंड खंड की प्राथमिक पाठशाला बीते वर्ष अगस्त में प्राकृतिक आपदा और भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। पीछे की दीवार ढहने के कारण मलबा स्कूल की दो कक्षाओं के पीछे पड़ा है। इससे दो कक्षाओं के लिए खतरा बना हुआ है। कक्षा की दीवारों पर दरारें भी पड़ गई हैं। इस वजह से असुरक्षित घोषित किए गए इन दो कमरों में कक्षाएं नहीं लग पा रही है। मजबूरी में पहली से पांचवीं कक्षा के नौनिहालों की कक्षाएं स्कूल के बरामदे में लग रही हैं। स्कूल के दो अन्य कमरों में स्टोर और कार्यालय का काम चल रहा है। यही नहीं स्कूल के मैदान के सामने का डंगा भी भूस्खलन की जद में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां स्कूल के विद्यार्थी खेलते हैं। इससे हर समय बच्चों के घायल होने का खतरा बना रहता है। पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग को अवगत करवाते हुए राहत की गुहार भी लगाई गई है, लेकिन नौ माह के लंबे समय के बाद भी न तो सरकार जागी और न ही शिक्षा विभाग। मामला केवल नुकसान की रिपोर्ट भेजने तक सिमट कर रह गया है। ऐसे में साफ प्रतीत होता है कि सरकार और शिक्षा विभाग को स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 29 नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
इनसेट
बदलना पड़ा मतदान केंद्र, मतदाताओं को भी झेलनी होंगी दिक्कतें
मामला यहीं नहीं सिमटता क्षतिग्रस्त कक्षाओं में से एक कक्षा में लोकसभा चुनाव को लेकर पोलिंग बूथ स्थापित किया गया है, जिसे अब दूसरे कमरे में बदलना पड़ेगा। स्कूल का शौचालय भी दयनीय हालत में है। इस वजह से यहां पहुंचने वाले मतदाताओं के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एक जून को मतदाताओं की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हैरानी इस बात की है कि प्रशासन भी मतदान को लेकर किसी तरह से व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है और नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम करने को कोई भी विभाग और प्रशासन पुख्ता कदम उठाने को तैयार नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम निरमंड ने भी मौके का मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया था, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहां माहौल ही सुरक्षित न हो तो अभिभावक अपने बच्चों को कैसे सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे?
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प्राथमिक स्कूल थाचवा भवन और मैदान को प्राकृतिक आपदा से नुकसान पहुंचा है। करीब साढ़े चार लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद ही राहत कार्य शुरू किया जाएगा।
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वंदना कौशल, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, निरमंड
कोट्स
क्षतिग्रस्त हुए मतदान केंद्र को दूसरे कमरे में बदला जाएगा। शौचालय की व्यवस्था बनाने के लिए बीडीओ निरमंड को निर्देश दिए गए हैं।
मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड
कोट्स
यह कांग्रेस का व्यवस्था परिवर्तन, आचार संहिता हटते ही विधायक निधि से करवाएंगे मरम्मत
सत्तासीन कांग्रेस सरकार का यह व्यवस्था परिवर्तन है। नौ माह से नौनिहालों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं है। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार आउटर सराज क्षेत्र के साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं आया, अब सूचना मिली है, तो आदर्श चुनाव आचार संहिता हटते ही विधायक निधि से स्कूल की मरम्मत के लिए राशि जुटाएंगे।
लोकेंद्र, विधायक, आनी विस क्षेत्र