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Rampur Bushahar News: आनी के लोगों को स्वच्छता का पढ़ाया पाठ
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। सदर पंचायत आनी और बखनाओं पंचायत में वीरवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। बखनाओं युवा प्रधान लाल सिंह, अमित कुमार उपाख्य और स्वच्छता अभियान के खंड समन्वयक दिनेश शर्मा ने स्वच्छता का एंबेसडर के रूप में दोनों पंचायत का विभाजक खड्ड देउरी और दोनों पंचायतों को जोड़ने वाले आनी सेतु के पास सफाई अभियान चलाया। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करते हुए गांधी ने स्वच्छ भारत की संकल्पना में स्वस्थ और समृद्ध देश देखा था। आनी पंचायत में हाल ही में निर्णय लिया गया है कि सप्ताह में एक बार घर का कचरा उठाने के लिए कोई कर्मी आएगा। प्रयास अच्छा है, लेकिन नाकाफी है। छह दिन तक घर का कचरा घर के आसपास रखना संभव नहीं है। हम नगरवासी तो हो गए हैं, लेकिन स्वच्छता के प्रति निजी जागरुकता आज भी शून्य है। घर का कचरा और प्लास्टिक कचरा खड्ड में फेंकने से अपने घर का कचरा कुछ दूर तो होगा, लेकिन पर्यावरण खराब होगा। दोनों पंचायतों में नित्य सफाई कर्मी हर घर से कचरा उठाने के लिए भेजने की व्यवस्था करनी होगी। इसका शुल्क हर घर के मालिक से प्रति मास 100 और 200 लिया जाएगा। चलान करने का निर्णय भी प्रशंसनीय है, जिसको नियमों की धज्जियां उड़ाकर परिवेश को प्रदूषित करने में आनंद आता है, उसका चालाना होना ही चाहिए। शिक्षक श्यामानंद ने कहा कि स्वच्छता के अग्रदूत बनकर आनी में उभरते एनजीओ सहित हर व्यक्ति सचेत होकर अपना दायित्व समझे तो हमारी आनी उपमंडल स्वच्छ और सुंदर बनेगा।
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आनी (कुल्लू)। सदर पंचायत आनी और बखनाओं पंचायत में वीरवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। बखनाओं युवा प्रधान लाल सिंह, अमित कुमार उपाख्य और स्वच्छता अभियान के खंड समन्वयक दिनेश शर्मा ने स्वच्छता का एंबेसडर के रूप में दोनों पंचायत का विभाजक खड्ड देउरी और दोनों पंचायतों को जोड़ने वाले आनी सेतु के पास सफाई अभियान चलाया। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करते हुए गांधी ने स्वच्छ भारत की संकल्पना में स्वस्थ और समृद्ध देश देखा था। आनी पंचायत में हाल ही में निर्णय लिया गया है कि सप्ताह में एक बार घर का कचरा उठाने के लिए कोई कर्मी आएगा। प्रयास अच्छा है, लेकिन नाकाफी है। छह दिन तक घर का कचरा घर के आसपास रखना संभव नहीं है। हम नगरवासी तो हो गए हैं, लेकिन स्वच्छता के प्रति निजी जागरुकता आज भी शून्य है। घर का कचरा और प्लास्टिक कचरा खड्ड में फेंकने से अपने घर का कचरा कुछ दूर तो होगा, लेकिन पर्यावरण खराब होगा। दोनों पंचायतों में नित्य सफाई कर्मी हर घर से कचरा उठाने के लिए भेजने की व्यवस्था करनी होगी। इसका शुल्क हर घर के मालिक से प्रति मास 100 और 200 लिया जाएगा। चलान करने का निर्णय भी प्रशंसनीय है, जिसको नियमों की धज्जियां उड़ाकर परिवेश को प्रदूषित करने में आनंद आता है, उसका चालाना होना ही चाहिए। शिक्षक श्यामानंद ने कहा कि स्वच्छता के अग्रदूत बनकर आनी में उभरते एनजीओ सहित हर व्यक्ति सचेत होकर अपना दायित्व समझे तो हमारी आनी उपमंडल स्वच्छ और सुंदर बनेगा।