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प्रमाणपत्र बनाने को 50 किलोमीटर का हो रहा सफर
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तकलेच(रामपुर बुशहर)। सरकार की संवेदनहीनता का दंश रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायतों के हजारों लोग झेल रहे हैं। वर्षों पूर्व सरकार ने तकलेच को उपतहसील का दर्जा तो दिया लेकिन सुविधाओं के अभाव में हजारों लोग दशकों पुरानी समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को एक प्रमाणपत्र बनाने को 40 से 50 किमी का सफर तय कर रामपुर तहसील कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है। हजारों लोगों में सरकार और प्रशासन की अनदेखी को लेकर रोष है।
गौर हो कि 15 अगस्त 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तकलेच को उपतहसील का दर्जा दिया था। उपतहसील बनने से क्षेत्र की दुर्गम पंचायतों के हजारों लोगों को लाभ तो मिला, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते न तो आज तक उपतहसील का अपना भवन बन पाया और न ही स्टाफ की तैनाती हो पाई। चार वर्ष से उप तहसील लोक निर्माण विभाग के भवन में चल रही है। क्षेत्र की दुर्गम पंचायत काशापाट, तकलेच, दरकाली, देवठी, मुनिश, कूहल, नरैण और बाहली पंचायत के हजारों लोगों उपतहसील में मिलने वाले लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। प्रमाणपत्र बनाने, रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोगों को घंटों का सफर तय कर रामपुर तहसील कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
उपतहसील तकलेच में सीनियर असिस्टेंट, तामील कुनिंदा, क्लैरिकल, जेई, ऑफिस कानूनगो और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। न यहां कोई अर्जिमिशन, न सर्वर की व्यवस्था। ऐसे में यह केवल नाम के लिए उपतहसील बनकर रह गई है। सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के लोगों को पेश आ रही है।
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तकलेच पंचायत उपप्रधान कृष्ण मजटू, कांग्रेस जिला महासचिव अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, जतिन मेहता, सरोजनी ठाकुर, सुनील कायथ, राजेंद्र मजटू, राजेंद्र शर्मा, देवराज कायथ, बीआर भंडारी, कुलदीप नेगी, शेर सिंह, दयाल सिंह, इंद्रजीत सहित अन्य ने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यहां स्टाफ और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए। उधर, नायब तहसीलदार तकलेच नरेश वर्मा ने बताया कि उपतहसील भवन के लिए पुलिस चौकी के साथ करीब ढाई बीघा का चयन किया जा रहा है। रिक्त पड़े स्टाफ को लेकर उपमंडलाधिकारी रामपुर को लिखित रूप से सूचित किया गया है।
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गौर हो कि 15 अगस्त 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तकलेच को उपतहसील का दर्जा दिया था। उपतहसील बनने से क्षेत्र की दुर्गम पंचायतों के हजारों लोगों को लाभ तो मिला, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते न तो आज तक उपतहसील का अपना भवन बन पाया और न ही स्टाफ की तैनाती हो पाई। चार वर्ष से उप तहसील लोक निर्माण विभाग के भवन में चल रही है। क्षेत्र की दुर्गम पंचायत काशापाट, तकलेच, दरकाली, देवठी, मुनिश, कूहल, नरैण और बाहली पंचायत के हजारों लोगों उपतहसील में मिलने वाले लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। प्रमाणपत्र बनाने, रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोगों को घंटों का सफर तय कर रामपुर तहसील कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
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उपतहसील तकलेच में सीनियर असिस्टेंट, तामील कुनिंदा, क्लैरिकल, जेई, ऑफिस कानूनगो और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। न यहां कोई अर्जिमिशन, न सर्वर की व्यवस्था। ऐसे में यह केवल नाम के लिए उपतहसील बनकर रह गई है। सबसे अधिक परेशानी गरीब तबके के लोगों को पेश आ रही है।
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तकलेच पंचायत उपप्रधान कृष्ण मजटू, कांग्रेस जिला महासचिव अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, जतिन मेहता, सरोजनी ठाकुर, सुनील कायथ, राजेंद्र मजटू, राजेंद्र शर्मा, देवराज कायथ, बीआर भंडारी, कुलदीप नेगी, शेर सिंह, दयाल सिंह, इंद्रजीत सहित अन्य ने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यहां स्टाफ और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए। उधर, नायब तहसीलदार तकलेच नरेश वर्मा ने बताया कि उपतहसील भवन के लिए पुलिस चौकी के साथ करीब ढाई बीघा का चयन किया जा रहा है। रिक्त पड़े स्टाफ को लेकर उपमंडलाधिकारी रामपुर को लिखित रूप से सूचित किया गया है।