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Rampur Bushahar News: किन्नौर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, करोड़ों के सेब पर मंडरा खतरा
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किन्नौर जिले के बटसेरी में बुधवार को हुई बर्फबारी से सेब की फ्लावरिंग पर पड़ेगा विपरीत असर। संव
मई में बर्फबारी होने से बागवानों की बढ़ी चिंताएं
फ्लावरिंग के दौरान तापमान लुढ़कने से शुरुआती स्टेज में ही बागवानों को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद किन्नौर जिले में सेब की करोड़ों की फसल पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। जिले में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। हिमपात होने से जिले के बागवानों की धुकधुकी बढ़ गई है और नकदी फसलें प्रभावित होने का डर सताने लगा है।
गौर हो कि इन दिनों जिले के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावारिंग का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सेब की अच्छी फसल के लिए तापमान का अनुकूल होना अति आवश्यक है। तापमान सामान्य रहने की स्थिति में ही फूलों की बेहतर सेटिंग होती है और अच्छी फसल का उत्पादन होता है, लेकिन शुरुआती स्टेज में ही ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात होने से बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बुधवार दोपहर बाद छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला, कुप्पा, लिप्पा, आसरंग, हांगो, चुलिंग, नेसंग, सुमरा, कुन्नौचारंग और शलखर में बर्फबारी शुरू हुई। इसके कारण जिले में नकदी फसलें सेब, चुल्ली, बेमी, खुमानी और बादाम फसलें प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। बागवानों को नकदी फसलें बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। दीपक, राजेश, राकेश, मनोज, यतेंद्र सिंह, महेंद्र, कुलदीप, सनम तेंजिन, सांबा दोर्जें, राजकमल, प्रमोद नेगी और अनिल नेगी ने कहा कि यदि अधिक बर्फबारी होती है तो फसलें प्रभावित होने का डर है।
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फ्लावरिंग के दौरान तापमान लुढ़कने से शुरुआती स्टेज में ही बागवानों को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद किन्नौर जिले में सेब की करोड़ों की फसल पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। जिले में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। हिमपात होने से जिले के बागवानों की धुकधुकी बढ़ गई है और नकदी फसलें प्रभावित होने का डर सताने लगा है।
गौर हो कि इन दिनों जिले के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावारिंग का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सेब की अच्छी फसल के लिए तापमान का अनुकूल होना अति आवश्यक है। तापमान सामान्य रहने की स्थिति में ही फूलों की बेहतर सेटिंग होती है और अच्छी फसल का उत्पादन होता है, लेकिन शुरुआती स्टेज में ही ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात होने से बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बुधवार दोपहर बाद छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला, कुप्पा, लिप्पा, आसरंग, हांगो, चुलिंग, नेसंग, सुमरा, कुन्नौचारंग और शलखर में बर्फबारी शुरू हुई। इसके कारण जिले में नकदी फसलें सेब, चुल्ली, बेमी, खुमानी और बादाम फसलें प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। बागवानों को नकदी फसलें बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। दीपक, राजेश, राकेश, मनोज, यतेंद्र सिंह, महेंद्र, कुलदीप, सनम तेंजिन, सांबा दोर्जें, राजकमल, प्रमोद नेगी और अनिल नेगी ने कहा कि यदि अधिक बर्फबारी होती है तो फसलें प्रभावित होने का डर है।
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