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Rampur Bushahar News: सात दिवसीय पारंपरिक सावन मेला संपन्न
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मेले में देवता महाराज क्वार जाख विशेष रूप से रहे उपस्थति
संवाद न्यूज एजेंसी
राेहडू। जिला शिमला के दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार में आयोजित पारंपरिक सावन मेले का रविवार को समापन हो गया। मेले में देवता महाराज क्वार जाख विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेले का मुख्य आकर्षण स्थानीय महिलाओं का पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य रहा।
सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सावन मेले का आयोजन क्वार क्षेत्र के दो दिन धंद्रवाड़ी और पांच दिन कितरवाड़ी गांव में होता है। इस पारंपरिक कार्यक्रम में क्षेत्र के लोग जाख देवता के मंदिर में उपस्थित रहकर अपनी भूमिका निभाते है। इस मौके पर स्थानीय महिला पारंपरिक वेशभूषा में देव स्तुति के पारंपरिक गीत गाती हैं। रोज शाम को महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में देवता के अभिनंदन में पारंपरिक नृत्य किया जाता है। वाद्य यंत्रों पर महिलाओं का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मेले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे।
देवता क्वार जाख के मोतमीन घुंघर सिंह ने बताया कि सावन मेला हर वर्ष पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। मेले का आयोजन दो दिन धंद्रवाड़ी और पांच दिन कितरवाड़ी में किया जाता है। सदियों से चली आ रही परंपरा अनुसार क्षेत्र की खुशहाली के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राेहडू। जिला शिमला के दूरदराज क्षेत्र डोडरा क्वार में आयोजित पारंपरिक सावन मेले का रविवार को समापन हो गया। मेले में देवता महाराज क्वार जाख विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेले का मुख्य आकर्षण स्थानीय महिलाओं का पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य रहा।
सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सावन मेले का आयोजन क्वार क्षेत्र के दो दिन धंद्रवाड़ी और पांच दिन कितरवाड़ी गांव में होता है। इस पारंपरिक कार्यक्रम में क्षेत्र के लोग जाख देवता के मंदिर में उपस्थित रहकर अपनी भूमिका निभाते है। इस मौके पर स्थानीय महिला पारंपरिक वेशभूषा में देव स्तुति के पारंपरिक गीत गाती हैं। रोज शाम को महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में देवता के अभिनंदन में पारंपरिक नृत्य किया जाता है। वाद्य यंत्रों पर महिलाओं का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मेले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे।
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देवता क्वार जाख के मोतमीन घुंघर सिंह ने बताया कि सावन मेला हर वर्ष पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। मेले का आयोजन दो दिन धंद्रवाड़ी और पांच दिन कितरवाड़ी में किया जाता है। सदियों से चली आ रही परंपरा अनुसार क्षेत्र की खुशहाली के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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