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Rampur Bushahar News: बंद सड़कें बहाल और एनएचएआई को संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात करने के दिए निर्देश
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आनी में मॉनसून की तैयारियों के लेकर विभागाधिकारियों के साथ बैठक करते एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट।
आनी में एसडीएम ने बरसात की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
अलर्ट, सड़कों की बहाली और आपदा प्रबंधन पर फोकस करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल में बरसात को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने आपदा से निपटने की रणनीति तैयार की। एसडीएम ने बताया कि उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार कर ली गई है और इसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी। उन्होंने बैठक में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर विशेष चिंता जताई और बरसात से पहले बंद सड़कें बहाल करने और एनएचएआई को संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात करने के निर्देश दिए।साथ ही अलर्ट, सड़कों की बहाली और आपदा प्रबंधन पर फोकस करने के निर्देश भी दिए।
कंडाधार-फरबोग, गुगरा-कुटवा मार्ग लंबे समय से बंद पड़े हैं, जबकि आनी-बश्ता सड़क अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है। इसके अलावा बेहना-दलाश सड़क भी अवरुद्ध है। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि बरसात से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त किया जाए और बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए ताकि एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे। सड़कों के किनारे नालियों की सफाई और निर्माण के निर्देश भी दिए गए ताकि जल की निकासी सही तरीके से हो सके और भूस्खलन जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों के पास मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़कों की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में नायब तहसीलदार मोती राम चौहान, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग मनीष, एसबीपीओ विनोद कटोच, सीडीपीओ नैना देवी, एसएमएस कृषि निक्का राम, प्रधानाचार्य जवाहर ठाकुर, हेतराम, जवाहर ठाकुर, सूरत राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्युत और पेयजल आपूर्ति पर भी दिए निर्देश
बैठक में पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया गया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान यदि कहीं जल आपूर्ति बाधित होती है, तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। बिजली बोर्ड को भी आपदा के दौरान आवश्यक उपकरण और सामग्री पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों और उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया, जिस पर बीएमओ आनी भागवत मेहता ने सभी तैयारियां पूरी होने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि मानसून के दौरान किसी को तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल में जांच करवाएं, क्योंकि इस समय स्क्रब टाइफस का खतरा अधिक रहता है। साथ ही घास काटते समय जहरीले सांपों से सावधानी बरतने और हाथ-पैर ढककर काम करने की सलाह दी गई।
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राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अहम चर्चा हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान अधिक बर्फबारी की स्थिति में स्कूल बंद रखने पर चर्चा हुई। बरसात के दौरान यदि छात्र स्कूल तक सुरक्षित नहीं पहुंच सकते, तो तत्काल छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी। खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय से पहले राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही एसडीएम ने आम जनता से अपील की कि वे केवल सरकारी सोसायटी पर निर्भर न रहें, बल्कि एक-दो महीने का राशन पहले से अपने पास सुरक्षित रखें। आपदा के समय त्वरित रेस्क्यू के लिए आपदा प्रबंधन टीमों, आपदा मित्रों और स्वयंसेवी संगठनों को तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए।
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अलर्ट, सड़कों की बहाली और आपदा प्रबंधन पर फोकस करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल में बरसात को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने आपदा से निपटने की रणनीति तैयार की। एसडीएम ने बताया कि उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार कर ली गई है और इसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी। उन्होंने बैठक में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर विशेष चिंता जताई और बरसात से पहले बंद सड़कें बहाल करने और एनएचएआई को संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात करने के निर्देश दिए।साथ ही अलर्ट, सड़कों की बहाली और आपदा प्रबंधन पर फोकस करने के निर्देश भी दिए।
कंडाधार-फरबोग, गुगरा-कुटवा मार्ग लंबे समय से बंद पड़े हैं, जबकि आनी-बश्ता सड़क अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है। इसके अलावा बेहना-दलाश सड़क भी अवरुद्ध है। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि बरसात से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त किया जाए और बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए ताकि एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे। सड़कों के किनारे नालियों की सफाई और निर्माण के निर्देश भी दिए गए ताकि जल की निकासी सही तरीके से हो सके और भूस्खलन जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों के पास मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़कों की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में नायब तहसीलदार मोती राम चौहान, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग मनीष, एसबीपीओ विनोद कटोच, सीडीपीओ नैना देवी, एसएमएस कृषि निक्का राम, प्रधानाचार्य जवाहर ठाकुर, हेतराम, जवाहर ठाकुर, सूरत राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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विद्युत और पेयजल आपूर्ति पर भी दिए निर्देश
बैठक में पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया गया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान यदि कहीं जल आपूर्ति बाधित होती है, तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। बिजली बोर्ड को भी आपदा के दौरान आवश्यक उपकरण और सामग्री पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों और उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया, जिस पर बीएमओ आनी भागवत मेहता ने सभी तैयारियां पूरी होने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि मानसून के दौरान किसी को तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल में जांच करवाएं, क्योंकि इस समय स्क्रब टाइफस का खतरा अधिक रहता है। साथ ही घास काटते समय जहरीले सांपों से सावधानी बरतने और हाथ-पैर ढककर काम करने की सलाह दी गई।
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राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अहम चर्चा हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान अधिक बर्फबारी की स्थिति में स्कूल बंद रखने पर चर्चा हुई। बरसात के दौरान यदि छात्र स्कूल तक सुरक्षित नहीं पहुंच सकते, तो तत्काल छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी। खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय से पहले राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही एसडीएम ने आम जनता से अपील की कि वे केवल सरकारी सोसायटी पर निर्भर न रहें, बल्कि एक-दो महीने का राशन पहले से अपने पास सुरक्षित रखें। आपदा के समय त्वरित रेस्क्यू के लिए आपदा प्रबंधन टीमों, आपदा मित्रों और स्वयंसेवी संगठनों को तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए।