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सरस्वती विद्या मंदिर नेरवा के भवन का लोकार्पण
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सरस्वती विद्या मंदिर नेरवा के भवन का लोकार्पण करते राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर। संवाद
- फोटो : RAMPUR-HP
नेरवा (रोहडू़)। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चौपाल उपमंडल में बकासन स्थित सरस्वती विद्या मंदिर नेरवा के भवन का लोकार्पण किया। हिमाचल प्रदेश के किसी भी राज्यपाल का नेरवा में यह पहला दौरा है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश समिति के माध्यम से राज्य में शिक्षा का व्यापक प्रसार किया जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य संस्कारयुक्त नागरिकों का निर्माण करना होना चाहिए। संस्कारों के कारण ही देश सुरक्षित रह सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर शिक्षा समिति आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को ध्यान में रखकर ही देश आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा का अनुकूल वातावरण बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। यह शिक्षा नीति विरासत का भाग हमें देने वाली है। हिमाचल शिक्षा समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को समिति का सहयोग करना चाहिए। समिति के शिक्षण संस्थानों का अधिक से अधिक विस्तार होना चाहिए।
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इस स्कूल के लिए स्थानीय निवासी मियां शावण सिंह ने करीब दो बीघा भूमि दान में दी है। समिति के माध्यम से ढाई सौ विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
हिमाचल शिक्षा समिति के प्रांत अध्यक्ष मोहन केष्टा ने राज्यपाल को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह स्कूल 21 साल से किराये के भवन में चल रहा था। इसका अपना भवन बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने स्कूल भवन के निर्माण के लिए योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
समाज सेवक कैप्टन संजय पराशर ने स्कूल के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की राशि दान दी है। इस मौके पर विधायक बलबीर वर्मा, शिक्षा समिति संगठन मंत्री ज्ञान उपस्थित रहे।
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राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश समिति के माध्यम से राज्य में शिक्षा का व्यापक प्रसार किया जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य संस्कारयुक्त नागरिकों का निर्माण करना होना चाहिए। संस्कारों के कारण ही देश सुरक्षित रह सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर शिक्षा समिति आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को ध्यान में रखकर ही देश आगे बढ़ता है।
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उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा का अनुकूल वातावरण बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। यह शिक्षा नीति विरासत का भाग हमें देने वाली है। हिमाचल शिक्षा समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को समिति का सहयोग करना चाहिए। समिति के शिक्षण संस्थानों का अधिक से अधिक विस्तार होना चाहिए।
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इस स्कूल के लिए स्थानीय निवासी मियां शावण सिंह ने करीब दो बीघा भूमि दान में दी है। समिति के माध्यम से ढाई सौ विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
हिमाचल शिक्षा समिति के प्रांत अध्यक्ष मोहन केष्टा ने राज्यपाल को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह स्कूल 21 साल से किराये के भवन में चल रहा था। इसका अपना भवन बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने स्कूल भवन के निर्माण के लिए योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
समाज सेवक कैप्टन संजय पराशर ने स्कूल के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की राशि दान दी है। इस मौके पर विधायक बलबीर वर्मा, शिक्षा समिति संगठन मंत्री ज्ञान उपस्थित रहे।