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Rampur Bushahar News: सड़कें हो दुरुस्त, विभागों के रिक्त पदों पर हो भर्ती
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सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा की बैठक में मौजूद सदस्य। संवाद
सड़क, शिक्षा, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उठाई मांग
सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था की बैठक में सरपारा की समस्याओं को लेकर हुआ मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरपारा पंचायत के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने क्षेत्र में चरमराई सड़क, शिक्षा, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग उठाई है। साथ ही कई विभागों के रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई। बजट के बावजूद सड़कें दुरुस्त न होने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी समेत अन्य मांगों को लेकर संस्था के सदस्यों ने चिंता जताई है। सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा की बैठक गांवपानी में हुई। अध्यक्षता संस्था के प्रधान जगतपाल कपाटिया ने की। बैठक में सबसे पहले संस्था के संस्थापक रामनाथ भांडिया के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में कहा गया कि संस्था की ओर से तीन माह पूर्व लोक निर्माण विभाग रामपुर के समक्ष उठाए गए मामलों पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निर्देशों के बावजूद धरातल पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सरपारा से लबाना-सदाना (काओबील) में करीब 5.6 किलोमीटर सड़क की फाइल के प्रशासनिक अनुमोदन में हो रही देरी का मुद्दा उठा। सदस्यों ने कहा कि विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। समेज से सरपारा तक सड़क के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में पानी की निकासी के उचित बंदोबस्त नहीं हो पाए हैं। बावड़ी का पानी, जो सड़क के साथ बनी नाली के माध्यम से कलवर्ट तक पहुंचना चाहिए था, वह नहीं पहुंच पा रहा और पानी कई जगह रिस रहा है। आगामी बरसात में यही रिसाव क्षेत्र को पुन: दलदल बन सकता है, जिससे करीब 25 लाख रुपये की लागत से लगाए गए सुरक्षा डंगे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। विभाग को यहां तुरंत पानी की निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निरमंड मंडल के तहत आने वाली समेज-सरपारा कैंची सड़क पर स्थित नाले में स्थायी रूप से कॉजवे और उपयुक्त कलवर्ट निर्माण की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि यहां पानी की उचित निकासी न होने के कारण सड़क कटकर गहरी खाई का रूप धारण कर लेती है और आवाजाही खतरे भरी बन जाती है। बैठक में जलशक्ति विभाग की गांवखड्ड से सरपारा उठाऊ पेयजल योजना के कार्य की धीमी गति को लेकर चिंता जताई गई और पाइपों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त गहराई में न डालने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए गए। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरपारा में स्टाफ, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सरपारा को पुन: नियमित रूप से खोलने, पशु चिकित्सालय में फार्मासिस्ट के रिक्त पद को भरने, समेज परियोजना के धारपा फोरवे टनल से हो रहे जल रिसाव को रोकने, एचटी और एलटी विद्युत लाइनों से स्पर्श कर रही पेड़ों की शाखाओं की समयबद्ध कटाई-छंटाई संबंधी मामलों को भी संबंधित विभागों के समक्ष पुन: उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्था की ओर से पंचायत सरपारा से संबंधित विभिन्न विभागों के समक्ष उठाए गए जनहित एवं विकासात्मक मुद्दों की जानकारी नवगठित पंचायत को उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही पंचायत से आग्रह किया जाए कि वे इन सभी मामलों को अपने स्तर पर संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं, ताकि क्षेत्र के लंबित विकासात्मक एवं जनहित कार्यों को शीघ्र गति मिल सके।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था की बैठक में सरपारा की समस्याओं को लेकर हुआ मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरपारा पंचायत के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने क्षेत्र में चरमराई सड़क, शिक्षा, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग उठाई है। साथ ही कई विभागों के रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई। बजट के बावजूद सड़कें दुरुस्त न होने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी समेत अन्य मांगों को लेकर संस्था के सदस्यों ने चिंता जताई है। सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा की बैठक गांवपानी में हुई। अध्यक्षता संस्था के प्रधान जगतपाल कपाटिया ने की। बैठक में सबसे पहले संस्था के संस्थापक रामनाथ भांडिया के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में कहा गया कि संस्था की ओर से तीन माह पूर्व लोक निर्माण विभाग रामपुर के समक्ष उठाए गए मामलों पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निर्देशों के बावजूद धरातल पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सरपारा से लबाना-सदाना (काओबील) में करीब 5.6 किलोमीटर सड़क की फाइल के प्रशासनिक अनुमोदन में हो रही देरी का मुद्दा उठा। सदस्यों ने कहा कि विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। समेज से सरपारा तक सड़क के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में पानी की निकासी के उचित बंदोबस्त नहीं हो पाए हैं। बावड़ी का पानी, जो सड़क के साथ बनी नाली के माध्यम से कलवर्ट तक पहुंचना चाहिए था, वह नहीं पहुंच पा रहा और पानी कई जगह रिस रहा है। आगामी बरसात में यही रिसाव क्षेत्र को पुन: दलदल बन सकता है, जिससे करीब 25 लाख रुपये की लागत से लगाए गए सुरक्षा डंगे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। विभाग को यहां तुरंत पानी की निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निरमंड मंडल के तहत आने वाली समेज-सरपारा कैंची सड़क पर स्थित नाले में स्थायी रूप से कॉजवे और उपयुक्त कलवर्ट निर्माण की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि यहां पानी की उचित निकासी न होने के कारण सड़क कटकर गहरी खाई का रूप धारण कर लेती है और आवाजाही खतरे भरी बन जाती है। बैठक में जलशक्ति विभाग की गांवखड्ड से सरपारा उठाऊ पेयजल योजना के कार्य की धीमी गति को लेकर चिंता जताई गई और पाइपों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त गहराई में न डालने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए गए। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरपारा में स्टाफ, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सरपारा को पुन: नियमित रूप से खोलने, पशु चिकित्सालय में फार्मासिस्ट के रिक्त पद को भरने, समेज परियोजना के धारपा फोरवे टनल से हो रहे जल रिसाव को रोकने, एचटी और एलटी विद्युत लाइनों से स्पर्श कर रही पेड़ों की शाखाओं की समयबद्ध कटाई-छंटाई संबंधी मामलों को भी संबंधित विभागों के समक्ष पुन: उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्था की ओर से पंचायत सरपारा से संबंधित विभिन्न विभागों के समक्ष उठाए गए जनहित एवं विकासात्मक मुद्दों की जानकारी नवगठित पंचायत को उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही पंचायत से आग्रह किया जाए कि वे इन सभी मामलों को अपने स्तर पर संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं, ताकि क्षेत्र के लंबित विकासात्मक एवं जनहित कार्यों को शीघ्र गति मिल सके।