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ठियोग-नारकंडा एनएच-5 पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी : विभाग
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90 प्रतिशत सड़क पर हुआ पैचवर्क, बचा कार्य जल्द होगा पूरा : अरविंद
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। लोक निर्माण विभाग के एनएच मंडल ठियोग ने अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार भारद्वाज ने जारी बयान में कहा कि ढली से नारकंडा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-5 का सुधार कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 16 मार्च 2026 को लोक निर्माण विभाग मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ढली से नारकंडा की खराब स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के अनुरूप कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि ढली से ठियोग तक करीब 90 प्रतिशत पेचवर्क कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है। वहीं, ठियोग से नारकंडा के बीच विभिन्न स्थानों पर गड्ढों की मरम्मत का काम लगातार जारी है। देहंघाटी से सुनारघाटी तक के अत्यधिक क्षतिग्रस्त हिस्से को यातायात सुचारू रखने के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर दिया गया है। ठियोग से नारकंडा तक शेष मरम्मत कार्य को 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नारकंडा से किंगल के पास तक भी पेचवर्क कार्य चल रहा है, जिसे 31 मई 2026 तक पूर्ण किए जाने की संभावना है। एनएच-5 पर हसन वैली से नारकंडा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए 86 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर क्षेत्रीय अधिकारी शिमला को भेज दी गई है। कहा कि आने वाले समय में एनएच-5 पर यातायात और अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। लोक निर्माण विभाग के एनएच मंडल ठियोग ने अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार भारद्वाज ने जारी बयान में कहा कि ढली से नारकंडा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-5 का सुधार कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 16 मार्च 2026 को लोक निर्माण विभाग मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ढली से नारकंडा की खराब स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के अनुरूप कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि ढली से ठियोग तक करीब 90 प्रतिशत पेचवर्क कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है। वहीं, ठियोग से नारकंडा के बीच विभिन्न स्थानों पर गड्ढों की मरम्मत का काम लगातार जारी है। देहंघाटी से सुनारघाटी तक के अत्यधिक क्षतिग्रस्त हिस्से को यातायात सुचारू रखने के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर दिया गया है। ठियोग से नारकंडा तक शेष मरम्मत कार्य को 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नारकंडा से किंगल के पास तक भी पेचवर्क कार्य चल रहा है, जिसे 31 मई 2026 तक पूर्ण किए जाने की संभावना है। एनएच-5 पर हसन वैली से नारकंडा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए 86 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर क्षेत्रीय अधिकारी शिमला को भेज दी गई है। कहा कि आने वाले समय में एनएच-5 पर यातायात और अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा।
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