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Rampur Bushahar News: निजी स्कूलों के लिए मान्यता नवीनीकरण अनिवार्य
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31 मार्च तक नहीं करवाया नवीनीकरण तो नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
तय मानकों पर खरे न उतरने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर में संचालित सभी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला किन्नौर के प्रारंभिक शिक्षा के उप निदेशक अरुण गौतम ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सभी निजी विद्यालयों को अपनी मान्यता और संबद्धता का नवीनीकरण करवाना अनिवार्य होगा। विभाग ने इसके लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की है। उप निदेशक ने बताया कि यह प्रक्रिया शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और विभाग की ओर से तय की गई चेक लिस्ट के अनुसार पूरी की जाएगी, जो विद्यालय इन मानकों पर खरा नहीं उतरेंगे या समय पर दस्तावेज जमा नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। मान्यता नवीनीकरण के लिए स्कूलों को एक विस्तृत रिपोर्ट और प्रमाणपत्र सौंपने होंगे। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। स्टाफ का विवरण, स्कूल के सभी शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मचारियों की योग्यता की जानकारी देनी होगी। विशेष रूप से शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण प्रमाणपत्र अनिवार्य है। सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी बिल्डिंग स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। विद्यालय भवन के स्वामित्व के दस्तावेज या वैध किरायानामा देना आवश्यक है। साथ ही खेल के मैदान और कक्षा कक्षों की उपलब्धता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में स्वीफ्ट चैट एप या बायोमीट्रिक प्रणाली के माध्यम से स्टाफ और छात्रों की हाजिरी लगाना अनिवार्य है। प्रशासन ने सुविधा और सुचारु व्यवस्था के लिए स्कूलों को दो श्रेणियों में बांटा है। इनमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को अपने दस्तावेज संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से भेजने होंगे। वहीं, पहली से आठवीं कक्षा के स्कूलों को सीधे उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय किन्नौर में अपनी फाइल जमा करवानी होगी।विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी निजी स्कूल बिना वैध मान्यता के चलता हुआ पाया गया या निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया, तो उस संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ नियमों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द अपनी औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
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तय मानकों पर खरे न उतरने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर में संचालित सभी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला किन्नौर के प्रारंभिक शिक्षा के उप निदेशक अरुण गौतम ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सभी निजी विद्यालयों को अपनी मान्यता और संबद्धता का नवीनीकरण करवाना अनिवार्य होगा। विभाग ने इसके लिए 31 मार्च की समय सीमा निर्धारित की है। उप निदेशक ने बताया कि यह प्रक्रिया शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और विभाग की ओर से तय की गई चेक लिस्ट के अनुसार पूरी की जाएगी, जो विद्यालय इन मानकों पर खरा नहीं उतरेंगे या समय पर दस्तावेज जमा नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। मान्यता नवीनीकरण के लिए स्कूलों को एक विस्तृत रिपोर्ट और प्रमाणपत्र सौंपने होंगे। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। स्टाफ का विवरण, स्कूल के सभी शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मचारियों की योग्यता की जानकारी देनी होगी। विशेष रूप से शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण प्रमाणपत्र अनिवार्य है। सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी बिल्डिंग स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। विद्यालय भवन के स्वामित्व के दस्तावेज या वैध किरायानामा देना आवश्यक है। साथ ही खेल के मैदान और कक्षा कक्षों की उपलब्धता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में स्वीफ्ट चैट एप या बायोमीट्रिक प्रणाली के माध्यम से स्टाफ और छात्रों की हाजिरी लगाना अनिवार्य है। प्रशासन ने सुविधा और सुचारु व्यवस्था के लिए स्कूलों को दो श्रेणियों में बांटा है। इनमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को अपने दस्तावेज संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से भेजने होंगे। वहीं, पहली से आठवीं कक्षा के स्कूलों को सीधे उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय किन्नौर में अपनी फाइल जमा करवानी होगी।विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी निजी स्कूल बिना वैध मान्यता के चलता हुआ पाया गया या निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया, तो उस संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ नियमों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द अपनी औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।