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Rampur Bushahar News: एसएफआई ने नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट जलाकर जताया विरोध
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छात्र संगठन ने रामपुर, आनी, निरमंड और कुमारसैन कॉलेज में किया प्रदर्शन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हो रहा निजीकरण, भगवाकरण और बाजारीकरण : स्वाति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नई शिक्षा नीति को लेकर एसएफआई ने सोमवार को प्रदर्शन किया। लोकल कमेटी रामपुर के तहत रामपुर, आनी, निरमंड और कुमारसैन कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का ड्राफ्ट जलाकर विरोध किया। प्रेस को जारी बयान में लोकल कमेटी अध्यक्ष स्वाति पॉल और सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि यह शिक्षा नीति बिना किसी चर्चा, परिचर्चा और गैर लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों के ऊपर थोप दी गई है, जो कि सीधे तौर पर गरीब तबके के छात्रों को शिक्षा से दूर कर रही है। इसके साथ ही शिक्षा का निजीकरण, भगवाकरण और बाजारीकरण कर रही है।भाजपा सरकार इस नीति के माध्यम से सांप्रदायिक सोच को लोगों के बीच लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अवैज्ञानिक, महंगी और शिक्षा का निजीकरण करने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति जो कि सबको शिक्षा से दूर करेगी और भाजपा की सोच को आगे बढ़ाएगी, उसका विरोध करती है। इकाई ने सरकार से मांग की कि इसे लागू न किया जाए और जल्द वापस लिया जाए। छात्र संगठन ने चेताते हुए कहा कि अगर सरकार छात्रों की इस मांग को नहीं मानती है, तो एसएफआई आने वाले समय में देशभर से छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हो रहा निजीकरण, भगवाकरण और बाजारीकरण : स्वाति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नई शिक्षा नीति को लेकर एसएफआई ने सोमवार को प्रदर्शन किया। लोकल कमेटी रामपुर के तहत रामपुर, आनी, निरमंड और कुमारसैन कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का ड्राफ्ट जलाकर विरोध किया। प्रेस को जारी बयान में लोकल कमेटी अध्यक्ष स्वाति पॉल और सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि यह शिक्षा नीति बिना किसी चर्चा, परिचर्चा और गैर लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों के ऊपर थोप दी गई है, जो कि सीधे तौर पर गरीब तबके के छात्रों को शिक्षा से दूर कर रही है। इसके साथ ही शिक्षा का निजीकरण, भगवाकरण और बाजारीकरण कर रही है।भाजपा सरकार इस नीति के माध्यम से सांप्रदायिक सोच को लोगों के बीच लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अवैज्ञानिक, महंगी और शिक्षा का निजीकरण करने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति जो कि सबको शिक्षा से दूर करेगी और भाजपा की सोच को आगे बढ़ाएगी, उसका विरोध करती है। इकाई ने सरकार से मांग की कि इसे लागू न किया जाए और जल्द वापस लिया जाए। छात्र संगठन ने चेताते हुए कहा कि अगर सरकार छात्रों की इस मांग को नहीं मानती है, तो एसएफआई आने वाले समय में देशभर से छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।